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उधार के इंतजाम से सजेगी मोदी सर की क्लास

Fri, 05 Sep 2014 12:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहर के सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए ‘शिक्षक दिवस’ पर 5 सितंबर को क्लासेस की बजाए सेलीब्रेशन होगी। शुक्रवार सुबह 11.30 बजे से स्कूल में पहले छात्रों संग शिक्षक टीचर्स डे सेलीब्रेट करेंगे। इसके बाद एसेंबली की जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश के बारे में बताया जाएगा।
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शहर के सभी सरकारी स्कूलों ने अपने अनुसार छात्रों के लिए व्यवस्था की गई है। विद्यार्थियों को सिर्फ पानी की बोतल और टिफिन के साथ आना है। वहीं आठवीं कक्षा तक छात्रों को मिड डे मील और सीनियर कक्षा को रिफ्रेशमेंट भी दी जाएगी।

पांच सितंबर को छात्रों के लिए स्कूल सुबह 11.30 बजे से पांच बजे तक लगेगा, जबकि शिक्षकों को शाम छह बजे तक ड्यूटी देनी पड़ेगी। वीरवार को प्रधानमंत्री के संदेश के लिए शहर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में स्क्रीन, टीवी और प्रोजेक्टर की व्यवस्था कर दी गई, जिसका जायजा शिक्षा विभाग अधिकारियों ने लिया।
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डायरेक्टर पब्लिक इंस्ट्रक्टर (डीपीआई) स्कूल कमलेश कुमार भादू ने कहा कि यह बच्चों के लिए बेहद रोचक और नए अनुभव से भरा होगा। प्रधानमंत्री का संदेश हर बच्चे के लिए मार्ग दर्शन होगा, जिसको हर कक्षा के छात्र को सुनना चाहिए।

एक स्क्रीन का किराया प्रति दिन 1050 रुपये से अधिक

शहर के सभी सरकारी स्कूलों ने वीरवार शाम तक किराए पर स्क्रीन, टीवी और प्रोजेक्टर लगाए गए। शहर के मात्र 30 स्कूलों में पहले ही प्रोजेक्टर और स्क्रीन की व्यवस्था है। बाकी स्कूलों ने किराए पर इसकी व्यवस्था की है।

धनास स्थित सरकारी मॉडल स्कूल में स्टाफ अपने घर से टीवी लेकर स्कूल में लगाए और कुछ स्क्रीन यहां किराए पर लगाई गई। कालोनी और गांव के  केबल आपरेटर ने 1050 रुपये से लेकर 1300 रुपये प्रति दिन किराया लगाया है।

रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था
शहर के सरकारी स्कूलों के सीनियर विंग के छात्रों के लिए रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई है, जिसका खर्चा स्कूल फंड की ओर से किया जा रहा है। विभाग ने स्कूलों को हेल्दी रिफ्रेशमेंट देने की हिदायत दी हैं।

दिल्ली पब्लिक स्कूल में छुट्टी की कैंसल
स्कूल प्रिंसिपल रीमा दीवान ने बताया कि स्कूल की सितंबर परीक्षा छह सितंबर से शुरू हैं जिसके लिए पांच सितंबर को छुट्टी घोषित की गई, लेकिन प्रधानमंत्री के संदेश के बाद यह छुट्टी कैंसल की गई। उन्होंने कहा कि यह संदेश हर बच्चे और शिक्षक के लिए प्रेरणा से भरपूर होगा।

कोचिंग सेंटर दोपहर तीन बजे से शाम साढे़ बजे तक क्लासेस नहीं लगाएंगे
शिक्षा विभाग ने शहर के सभी कोचिंग सेंटर को दोपहर तीन बजे से लेकर शाम साढे़ पांच बजे तक बंद रखने की हिदायत दी हैं, इस दौरान उन्हें कोई भी क्लासेस नहीं लगाने का आग्रह किया गया है।

उधार के टीवी और लाइट पर दिखेंगे पीएम

शिक्षक दिवस पर बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण लाइव दिखाने के लिए जिले के प्राइमरी और सेकेंडरी डीईओ ने हिदायतें जारी की हैं कि किसी भी तरह अपने आधार पर टीवी, केबल और जनरेटर का प्रबंध किया जाए। लेकिन सरकार ने खस्ताहाल स्कूलों को किसी तरह की कोई सहायता देने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।

फील्डगंज कूचा नंबर-16 का सरकारी प्राइमरी स्कूल भी तिरपाल के नीचे पड़ोसियों से उधार का टीवी लेकर प्रधानमंत्री मोदी का लाइव भाषण दिखाएगा। स्कूल इंचार्ज अमरीक कौर ने भाषण के लिए टीवी पड़ोसियों से उधार लिया है। अगर लाइट चली जाती है तो पड़ोसियों से ही जनरेटर की सहायता ली जाएगी।

उन्होंने बताया कि बच्चों के भविष्य के लिए पड़ोसी सोच सकते हैं, तो सरकार क्यों नहीं। प्राइमरी स्कूल के डीईओ गुरजोत सिंह ने बताया कि पीएम मोदी का लाइव भाषण देखने के लिए सभी स्कूलों में इंतजाम कर लिया गया है। जिले में 2 प्रतिशत स्कूल इस तरह के हैं जहां पर टीवी के बजाय रेडियो पर मोदी का लाइव भाषण सुना जाएगा।
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फंड तां हैं नी, किवें सुनाइये मोदी जी दा भाषण

‘मोदी दे भाषण दे चक्करां विच्च उलझे पए हां, कल नूं स्कूल विच्च बच्चियां नूं लाइव भाषण सुनाऊणा है। ऊपरों आदेश आ गए ने कि स्कूल फंड विच्चों एलईडी जां टीवी ते बच्चियां नूं भाषण सुनाओ, पर इस सारे कम्म ते खड़े पैर होण वाले खर्चे बारे किसे नूं नहीं पता।

इक्क स्कूल विच्च ही टेंट, टीवी, एलईडी ते होर समान ते लगभग 15 हजार खर्चा आवेगा, कई स्कूलां कोल ता फंड दी वी घाट है। किवें सुनाउणगे अजिहे स्कूल मोदी दा लाइव भाषण।’

दफ्तर में किसी काम से पहुंचा एक सरकारी अध्यापक वहां मौजूद कर्मचारियों को यह व्यथा सुना रहा था कि स्कूलों के पास फंड की कमी है और ऊपर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाइव भाषण के चक्करों में उलझाया जा रहा है।

विद्यार्थियों की संख्या करीब तीन हजार के लगभग है। विभाग की ओर से सभी स्कूलों में विद्यार्थियों को भाषण सुनाने के आदेश दे दिए गए हैं। भाषण सुनाने के लिए टीवी, एलईडी और टेंट समेत अन्य सामान पर ही 15 हजार खर्चा आने की संभावना है।

अगर भाषण सुनाना जरूरी ही है तो बच्चों को क्लासों में बैठाकर ही रेडियो के जरिये भी भाषण सुनाने का फरमान जारी किया जा सकता था।
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