अब सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) में पीएचडी (शोध) अपने प्रदेश में भी की जा सकेगी। पं. गोविंद बल्लभ कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आईटी कैंपस में 2016 से पीएचडी शुरू होने जा रही है।
पीएचडी के लिए दो शोधार्थियों की सिनोपसिस को हरी झंडी मिल गई है। पीएचडी के लिए एकेडमिक काउंसिल से मंजूरी मिल गई है। अब आईटी कैंपस को विवि के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के एप्रूवल का इंतजार है। संकेत मिले हैं कि 2016 से पीएचडी की उपाधि देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पंतनगर विवि सूचना प्रौद्योगिकी कैंपस के विभागाध्यक्ष एचएल मडोरिया के मुताबिक विवि में 2001 से बीटेक की पढ़ाई शुरू हुई। 2007 में इसे एमसीए और 2010 में एमटेक की मंजूरी मिली। अब तक बीटेक के 12 बैच में करीब 550, एमसीए के सात बैच में करीब 250 और एमटेक के तीन बैच में करीब 80 छात्रों ने डिग्री हासिल की।
इनमें से 80 फीसदी बच्चों को देश के नामी संस्थानों में अच्छे पैकेज के साथ प्लेसमेंट मिल चुकी है। एमटेक में शतप्रतिशत प्लेसमेंट मिली है। उन्होंने बताया कि पीएचडी के आवेदन को एकेडमिक काउंसिल से 2014 में मंजूरी मिल गई। अब इसे बोर्ड आफ मैनेजमेंट से मंजूरी मिलनी है।
बोर्ड आफ मैनेजमेंट से भी 2016 से इसे शुरू कराने के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि पीएचडी की उपाधि शुरू कराने वाला पंतनगर प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय होगा।