हरियाणा शिक्षा सदन के बाहर धरने पर बैठे नवचयनित पीजीटी के दिलों में बेरोजगारी की आग सुलग रही है।
यहां धरना दे रहे करीब 1800 पीजीटी ऐसे हैं जो अब एक सप्ताह के इंतजार के बाद सरकार से आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर सकते हैं।
मौके पर मौजूद रमेश कुमार विजेंद्र, सजन कुमार और पवन ने बताया कि यदि विभाग को आपत्ति थी तो उसी समय रोक दिया होता, जब हमने एचटेट की परीक्षा दी थी।
विभाग यह जांच करवाएगा कि हमने जो डिग्री ली है, वह स्टडी सेंटर से ली है या यूनिवर्सिटी कैंपस से। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी रोजाना इस मसले को उलझा रहे हैं। साक्षात्कार के समय हमसे सिर्फ यह कहा गया था कि यूनिवर्सिटी यूजीसी एप्रूवड होनी चाहिए। डाक्युमेंट प्रूफ मांगे तो हमने दे दिए थे।
करीब 350 लोग डीम्ड वालों के अलावा ऐसे हैं जिनके एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट विभाग कई बार जांच चुका, लेकिन संतुष्ट नहीं है। इसी तरह से 2012 में एज रिलेक्शेसन वाली पॉलिसी सरकार ने बिना किसी सूचना के बदल दी, जिसका दंश हम लोग यहां झेल रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारी हमसे मौखिक तौर पर कह रहे हैं, हाईकोर्ट से आर्डर करवा दो हम आपको नियुक्ति पत्र दे देंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को अपने स्तर पर संज्ञान लेना होगा, क्योंकि अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं।