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अब आप बदल सकते हैं यूजीसी नेट का पैटर्न

Fri, 13 Jun 2014 01:28 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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देशभर में नॉन मेडिकल और नॉन टेक्निकल उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षक बनने के लिए होने वाला यूजीसी नेशनल इलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) अब बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
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वेबसाइट पर पूछे जाएंगे दस सवाल
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश के शिक्षा विशेषज्ञों, छात्रों और शिक्षकों से इस संबंध में फीडबैक मांगा है। यूजीसी नेट ऑनलाइन वेबसाइट पर दस सवाल पूछे गए हैं।

आप भी अपना नाम, ईमेल पता, मोबाइल नंबर बताकर इन सवालों का जवाब दे सकते हैं। आपका जवाब परीक्षा पैटर्न के बदलाव में अहम साबित हो सकता है।

हालांकि यूजीसी ने दो तीन वर्ष पहले ही नेट के पैटर्न में बदलाव किया था लेकिन इस पर लगातार सवाल उठते आ रहे हैं। हालात यह हैं कि इस साल यूजीसी को नेट क्वालिफिकेशन का क्राइटेरिया कम करना पड़ा है।
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इन दस सवालों का दें जवाब
- उच्च शिक्षा में टीचिंग प्रोफेशनल तलाशने के लिए नेट प्रभाशाली तरीका है?
- यूजीसी नेट में कोई उम्र सीमा होनी चाहिए?

- क्या यूजीसी नेट परीक्षा में प्रतिभाग करने के मौके सीमित होने चाहिए?
- क्या मास्टर डिग्री प्रथम वर्ष के छात्र को यूजीसी नेट में बैठने का मौका मिलना चाहिए?
- क्या यूजीसी नेट प्रश्न पत्र 1,2 व 3 का बहुविकल्पीय प्रारूप बदलना चाहिए?

- क्या यूजीसी नेट दो फॉर्मेट में होना चाहिए। पहला फॉर्मेट पेपर 1,2 व 3 का ऑब्जेक्टिव टाइप और दूसरे फॉर्मेट में सब्जेक्टिव टाइप लिखित परीक्षा?

- क्या मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों में नेगेटिव मार्किंग होनी चाहिए?
- क्या यूजीसी जेआरएफ की अपर ऐज लिमिट को बढ़ाया जाना चाहिए?

- क्या विषयवार परीक्षा में शीर्ष कुछ प्रतिशत तक के छात्रों को ही यूजीसी नेट के लिए क्वालिफाई मानना चाहिए?
- क्या सभी विषयों के लिए एक क्वालिफाइंग कटऑफ तय की जानी चाहिए?

इस वेबसाइट पर दें फीडबैक : www.ugcnetonline.in
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