माननीय अध्यक्ष जी कैदियों को जेल में सजा के दौरान और सख्त रवैया अपनाने से तो मानवाधिकार का खुला उल्लंघन होगा।
आखिर सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था को चौकस क्यों नहीं करती। अभी कैदियों के लिए को सजा के दौरान जो सख्ती की जानी चाहिए, उसमें भेदभाव बरता जाता है।
रसूखदार व पैसे वाले लोग किस तरह अच्छी सुविधाएं जेल में पा जाते हैं पहले इस पर रोक लगाएं। सजा के दौरान और सख्ती होने से तो गरीबों पर ही जुल्म बढ़ेगा।
संसद में सरकार व विपक्ष के बीच कैदियों को सजा के दौरान और सख्ती बरतने के लिए बनाया जाना वाले कानून को लेकर तीखी बहस हुई।
यही नहीं अरेंज मैरिज और सरकारी कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन व पीएफ खत्म कर सेवाकाल में पूरा-पूरा वेतन देने संबंधी बिल भी लटक गया।
यह नजारा डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में आयोजित पार्लियामेंट्री डिबेट में देखने को मिला।
नेशनल लॉ स्कूल रायपुर और जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल सोनीपत के बीच कैदियों को सजा के दौरान और सख्ती बरतने संबंधित बिल पर तीखी बहस हुई।
इसी तरह इंडिया में अरेंज मैरिज के पक्ष में दिल्ली के हिन्दू कॉलेज के स्टूडेंट ने कई तथ्य रखे। वहीं, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी भोपाल के स्टूडेंट ने इसे लोगों की व्यक्तिगत आजादी के खिलाफ बताते हुए सदन में हंगामा किया।
वहीं, सरकार की ओर से संसद में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि सरकारी कर्मचारियों को सेवा के दौरान पूरा-पूरा वेतन देने की व्यवस्था कर दी जाए और वह खुद अपने हिसाब से पैसा इनवेस्ट करके फ्यूचर प्लॉन तैयार कर लें।
इस पर विपक्षी दल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सामाजिक सुरक्षा देने से कतरा रही है। डिबेट में करीब 40 टीमों के बीच अलग-अलग प्रिलिम्स राउंड हुए।
लॉ यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर डॉ. एपी सिंह ने बताया कि आज प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल व फाइनल राउंड होंगे। डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में शनिवार को आयोजित पार्लियामेंट्री डिबेट में मौजूद छात्र-छात्राएं।
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