देश के नामी विश्वविद्यालयों में ख्याति प्राप्त उत्तराखंड के कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि पंतनगर में सूचना प्रौद्योगिकी की पढ़ाई होती है।
यहां से प्रतिवर्ष 12 से अधिक छात्र एमटेक की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश, विदेश में सेवाएं दे रहे हैं। पंत विवि के नाम पर यहां से निकले छात्रों को पासआउट होते ही अच्छे संस्थानों और कंपनियों में प्लेसमेंट मिल रही है, लेकिन पासआउट होकर जाने वाले छात्रों से उत्तराखंड को कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
प्रदेश में साइबर क्राइम की तमाम घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं, लेकिन अपराधियों को चिह्नित करने, उनकी पहचान कर, अपराधों पर रोकथाम के लिए प्रदेश में न ही कोई संस्थान है और न ही विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
पंत विवि में 2001 में सूचना प्रौद्योगिकी कॉलेज की स्थापना हुई। इसमें बीटेक तक पढ़ाई की सुविधा थी। 2011 में यहां एमटेक की पढ़ाई की मान्यता शासन से मिली। एमटेक के अब तक तीन बैच में 35 छात्र पासआउट होकर देश, विदेश की नामी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं में अच्छे पैकेज के साथ सेवाएं दे रहे हैं। चौथे बैच के 15 छात्र पासआउट होने जा रहे हैं।
जबकि पांचवें बैच के 17 छात्र हैं। पंत विवि आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएल मंडोरिया ने बताया कि कॉलेज से बीटेक के एक छात्र को गो दिल्ली नाम की कंपनी में 18.80 लाख रुपए के सालाना पैकेज में नौकरी मिली है। विवि के आईटी विभाग में 19 प्रोफेसर के पद सृजित हैं।
इनमें से एक प्रोफेसर, छह असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। जल्द ही कॉलेज में चार असिस्टेंट प्रोफेसर भी आ जाएंगे। विवि में पढ़ने वाले छात्रों की सेवाएं प्रदेश को न मिल पाना वाकई चिंता का विषय है। सरकार, विवि प्रबंधन को छात्रों को प्रदेश को सेवाएं देने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
इसके लिए सरकार को उन्हें पर्याप्त ढांचागत सुविधाएं भी देनी चाहिए। डॉ. मंडोरिया ने बताया कि विवि में क्लाउड कंप्यूटिंग, सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस (आईएएएस), प्लेटफॉर्म एज ए सर्विस (पीएएएस), नेटवर्क सिक्योरिटी, एडवांस कंप्यूटर नेटवर्क, एडवांस सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, वायरलेस मोबाइल नेटवर्क, इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट, सॉफ्टवेयर टेस्ट्स साइबर क्राइम एंड इंफॉरमेशन वार, बायोइंफॉरमेटिक्स आदि विषयों की पढ़ाई होती है।
आईटी में पीएचडी कराने वाला प्रदेश का पहला विवि
पंतनगर विवि के सूचना प्रौद्योगिकी के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएल मंडोरिया ने बताया कि विवि में 2016 से आईटी में पीएचडी भी शुरू की जा रही है।
आईटी से पीएचडी की उपाधि देने वाला पंतनगर विवि प्रदेश का पहला विवि होगा। पीएचडी शुरू कराने का प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल से पास हो गया है। इसे अब औपचारिक रूप से बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट से स्वीकृति मिलनी है। स्वीकृति मिलते ही 2016 से आईटी में शोध भी शुरू हो जाएगा।
कुछ जरूरी बातें
- पासवर्ड का आदान प्रदान न करें, इसे छोटा न रखें।
- पासवर्ड में डेट ऑफ बर्थ, घर का नंबर, गाड़ी का नंबर, मोबाइल नंबर, बच्चे का नाम कभी नहीं डालना चाहिए। हैकर की इन सभी पर खास नजर रहती है।
- पासवर्ड अल्फा न्यूमेरिक और स्पेशल करैक्टर के साथ बनाया जाना चाहिए।
- कंप्यूटर में इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) होना चाहिए।
- कंप्यूटर का गोपनीय मशीन नंबर मालूम रहना चाहिए।
- वेब लिंक करने के लिए एचटीटीपी की जगह सुरक्षित प्रोटोकॉल एचटीटीपीएस होना चाहिए।
- कंप्यूटर वाइरस प्रोटेक्टेड होना चाहिए।