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कमजोर साथियों को पढ़ाओ, पैसा भी पाओ

Thu, 08 Oct 2015 05:35 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालाजी (आईआईटी) में दाखिले के बाद अब कमजोर छात्र अपनी परफॉर्मेंस की वजह से आईआईटी से बाहर नहीं होंगे।
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मुंबई में हुई काउंसिल आफ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की बैठक में तय किया गया है कि देश के हर आईआईटी में अब कमजोर छात्रों को बेहतर करने के लिए पीयर ग्रुप असिस्टेड लर्निंग (पीएएल) शुरू किया जाएगा। इसके तहत होनहार सीनियर छात्र, कमजोर जूनियर छात्रों को तैयारी कराएंगे। इसके लिए केंद्र सरकार पैसा देगी।

आईआईटी रुड़की में इस साल कमतर परफॉर्मेंस की वजह से 73 छात्रों को बाहर कर दिया गया था। बाद में मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद छात्रों का भविष्य तो बच गया, लेकिन आईआईटी में आने वाले छात्रों की परफॉर्मेंस देशभर में चर्चा का विषय बना।
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आईआईटी बांबे में छह अक्तूबर को हुई केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी की अध्यक्षता में काउंसिल की बैठक में इसे गंभीरता से लिया गया। तय किया गया कि अब हर आईआईटी के ऐसे कमजोर छात्रों को होनहारों की दौड़ में शामिल करने के लिए एक पीयर ग्रुप असिस्टेड लर्निंग (पीएएल) बनाया जाएगा।

इसके तहत आईआईटी के होनहार सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को गाइड करेंगे और उनकी तैयारी कराएंगे। इसके लिए बजट का इंतजाम केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। बैठक की पूरी जानकारी एमएचआरडी ने वेबसाइट पर जारी की है। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव विनयशील ओबेरॉय सहित भारी संख्या में सभी आईआईटी के चेयरमैन और डायरेक्टर शामिल हुए।

एक परीक्षा पर फैसला नवंबर में
अभी तक छात्र को आईआईटी में प्रवेश के लिए दो परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। पहले जेईई मेंस परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा से चयनित होने वाले शीर्ष 1.5 लाख छात्रों को आईआईटी की जेईई एडवांस परीक्षा देनी पड़ती है। काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया गया। मंत्री स्मृति ईरानी ने इसके लिए एक समिति का गठन किया है, जो नवंबर के प्रथम सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी।
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यहां भी होगा बड़ा फायदा
आईआईटी में दाखिला लेने वाले छात्रों को एजूकेशन लोन और स्कॉलरशिप के लिए सभी आईआईटी के निदेशकों की एक समिति का गठन किया गया है। काउंसिल ने बैठक में विकलांग छात्रों को मुफ्त शिक्षा देने का भी प्रस्ताव रखा, जिस पर अभी फैसला होना बाकी है।
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