बच्चे की फीस जमा करने का मतलब घंटों लाइन में लगकर समय की बर्बादी। अब अभिभावकों इस मुश्किल को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केविएस) दूर करने जा रहा है।
एक जनवरी 2015 से देशभर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हाईटेक फीस डिपॉजिट स्कीम शुरू होने जा रही है। दून के पांच स्कूलों में इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
केविएस ने इसके लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ टाईअप किया है। शुरुआत में देश के हर संभाग में पांच केंद्रीय विद्यालयों को इसके लिए चुना गया है।
देहरादून संभाग में केवि 1, केवि 2, केवि एफआरआई, केवि आईएमए और केवि ओएफडी में यह सुविधा मिलेगी।