पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स को लखनऊ यूनिवर्सिटी ने बड़ी राहत दी है। अब पीएचडी कोर्स वर्क की परीक्षा में उन्हें तीन अलग-अलग पेपर देने की बजाए सिर्फ एक ही पेपर देना होगा।
इसमें 80 नंबर की थ्योरी होगी और 20 नंबर में इंटरनल असेसमेंट व रिसर्च का पॉवर प्वांइट प्रेजेंटेशन देना होगा। यह निर्णय सोमवार को एलयू में आर्ट्स की फैकल्टी बोर्ड की बैठक में यह फैसला लिया गया।
आर्ट्स फैकल्टी की डीन प्रो. रश्मि पांडेय की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। इसमें कला संकाय के सभी विभागों के अध्यक्ष मौजूद थे और उन्होंने इस बदलाव पर अपनी सहमति जताई।
एलयू में पीएचडी में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को छह महीने का कोर्स वर्क करना होता है। छह महीने के कोर्स वर्क की पढ़ाई करने के बाद उनकी परीक्षा ली जाती है।
अभी तक उन्हें 100-100 नंबर के तीन प्रश्नपत्र दिए जाते हैं। इसमें रिसर्च मैथेडोलॉजी, कम्प्यूटर नॉलेज और एक सब्जेक्ट का पेपर देना होता है।
सोमवार को हुई फैकल्टी बोर्ड की बैठक में इस व्यवस्था को बदलते हुए सिर्फ 100 नंबर का एक प्रश्नपत्र करवाने का निर्णय लिया गया। अब स्टूडेंट्स को इसमें बड़ी सहूलियत होगी।
उन्हें अपने विषय के अलावा अपने शोध के बारे में पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देनी होगी। इंटरनेल असेसमेंट व पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के 20 नंबर रखे गए हैं और 80 नंबर की थ्योरी होगी।
फिलहाल, इस फैसले से स्टूडेंट्स को आसानी होगी। कई विभागाध्यक्षों ने कहा कि अभी तक जो व्यवस्था है, वह परम्परागत ढर्रे वाली है और इसे चेंज की जरूरत है।
ऐसे में अब कोर्स वर्क की परीक्षा में एक प्रश्नपत्र ही रखा जाए तो उचित होगा। फिलहाल, एलयू के इस फैसले से पीएचडी करने वाले स्टूडेंट्स भी राहत की सांस लेंगे।