दांतों से म्यूजिक का लुत्फ उठाना अब मुमकिन है। सुनने में यह अटपटा लगे, लेकिन कर्नाटक की 10वीं कक्षा की छात्रा ज्योतिलक्ष्मी ने ऐसा ही एक उपकरण तैयार किया है। दांतों में इस उपकरण को लगाने से सूचना इलेक्ट्रिक के माध्यम से दिमाग में पहुंच जाएगी।
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कुछ ऐसे ही मॉडलों के साथ देश भर से 200 से अधिक स्कूली होनहार 41वीं जवाहर लाल नेहरू नेशनल साइंस, मैथमेटिक्स और एन्वॉयरमेंट एग्जीबिशन फॉर चिल्ड्रन-2014 में पहुंचे हैं। दांतों से सुनने का यंत्र तैयार करने वाली ज्योतिलक्ष्मी ने बताया कि यह यंत्र डीफ एंड डंप (मूक बधिर) लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए अमेरिका में 1.5 लाख से अधिक खर्च करना पड़ता है। लेकिन, उन्होंने बहुत कम खर्च में इसे तैयार किया है। मूक बधिर इस इस्ट्रूमेंट को लगाकर स्कूटर या बाइक भी आसानी से चला सकते हैं। मॉडल को जिले और स्टेट लेवल पर पुरस्कार मिल चुका है।
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सौर ऊर्जा से होगा कृषि का काम
किसानों को अब खेती के कार्यों के लिए अधिक बिजली या डीजल की खपत नहीं करनी होगी। कर्नाटक निवासी केशव केशव पाटिल ने बताया कि इस सोलर यंत्र की मदद से फसलों की कटाई से लेकर फसल के दानों को आसानी से अलग किया जा सकेगा। मॉडल तैयार करने पर करीब 1250 रुपये खर्च आया है। राज्य स्तर पर मॉडल को पहला पुरस्कार मिल चुका है।
रोबोट करेगा खेतों में काम गुजरात से पहुंची केशा ने रोबोटिक फार्मिंग थीम पर मॉडल तैयार किया है। उन्होंने बताया कि अब रोबोट से फसलों की बुआई से लेकर कटाई का सारा काम किया जा सकेगा। रोबोटे में कई तरह के सेंसर लगाए गए हैं।
पौधों में पानी सूखने पर रोबोट जरूरत के हिसाब से पानी देगा। मॉडल में खास इलेक्ट्रिक डिवाइस लगाया गया है, जिससे सोलर लाइट भी जरूरत पड़ने पर काम आ सकेगी।
स्कूल खुद बनाएगा जरूरत की बिजली
चंडीगढ़ में मलोया स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में आठवीं के छात्र मोहम्मद अजीम ने सेल्फ स्फीसेंट स्कूल... थीम पर मॉडल तैयार किया है। उन्होंने बताया कि स्कूल में सोलर सिस्टम से काफी मात्रा में बिजली का उत्पादन हो सकता है।
मॉडल में दिखाया गया कि स्कूल में गाड़ियों की एंट्री, बच्चों के पैदल चलकर आने से एक खास रोलर लगाने से बिजली का उत्पादन कर उसे बैटरी में सेव किया जा सकता है।
स्कूल की छत पर सोलर पैनल आदि लगाकर बिजली पैदा होगी। 100 यूनिट से अधिक बिजली खपत पर स्कूल में हूटर बजने लगेगा। मॉडल तैयार करने में 1000 रुपये खर्च आया है।
भविष्य का वाहन तैयार किया
डीएल डीएवी मॉडल स्कूल प्रीतमपुर दिल्ली के 12वीं के छात्र राघव ककारिया ने एक्सटेंडेबल फ्यूचर व्हीकल तैयार किया है। नैनो टू इनोवा और इनोवा टू नैनो... व्हीकल सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
उन्होंने बताया कि गाड़ी में सीएनजी लीक होने पर सेंसर से खुद जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि गाड़ी में कुछ खास उपकरण लगाए गए हैं।
जिसमें अंधेरे में खुद लाइट जलना, दूसरी गाड़ी टकराने से पहले ही सेंसर से जानकारी मिलना और सीट बेल्ट नहीं बांधने पर गाड़ी स्टार्ट नहीं होने जैसी सुविधा दी गई है।
दो दिन में पहुंचे 10 हजार ज्यादा
लेजर वैली में आयोजित 41वीं जवाहर लाल नेहरू नेशनल साइंस एग्जीबिशन में दो दिन में 10 हजार से अधिक विद्यार्थी और अभिभावक पहुंचे।
सेक्टर-32 स्थित स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के सहयोग से आयोजित नेशनल साइंस एग्जीबिशन में करीब 200 साइंस मॉडल रखे गए हैं।
केबीडीएवी-7 में पांचवी के छात्र लक्षित मां सुमन के साथ एग्जीबिशन देखने पहुंचे। सुमन ने कहा कि बच्चों के लिए यह एग्जीबिशन काफी फायदेमंद साबित होगी।
साइंस एग्जीबिशन में कुरुक्षेत्र पनोरमा एंड साइंस सेंटर की ओर से मोबाइल म्यूजियम देखने वालों का तांता लगा रहा। इसमें रेयात एंड बाहरा ने बच्चों के लिए मोबाइल कंप्यूटर लैब भी रखी है।
चंडीगढ़ प्रशासन ने साइंस एग्जीबिशन में लोगों की सुविधा के लिए खास आधार कार्ड काउंटर लगाया है। काउंटर इंचार्ज अजय सिंह ने बताया कि 17 नवंबर तक आधार कार्ड बनवाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आधार कार्ड बनवाने के लिए पहचान पत्र, वोटर कार्ड, राशन कार्ड या पासपोर्ट की कापी की फोटोकॉपी साथ लानी होगी। काउंटर पर बच्चों का भी आधार कार्ड बनाया जाएगा। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक आधार कार्ड बनवाया जा सकता है।