प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले ही विद्यार्थियों के चेहरों पर तनाव दिखने लगा है। इसका असर उनकी पढ़ाई पर न पड़े, इसके लिए शहर के स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग शुरू कर दी गई है। काउंसलिंग के दौरान बच्चों को तनाव से दूर रहने और पढ़ाई किस तरह की जाए, इसके टिप्स दिए जा रहे हैं।
एमिटी स्कूल की प्रिंसिपल रेनू सिंह ने बताया कई बार बच्चा पढ़ाई में बहुत अच्छा होता है, लेकिन तनाव की वजह से परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता। ऐसे में उनकी काउंसलिंग बहुत जरूरी होती है। काउंसलिंग के जरिये उसका तनाव कम हो जाता है और पढ़ाई में ध्यान केंद्रित कर पाता है।
क्लास टीचर भी इस बात का ध्यान रखती हैं। अगर उन्हें लगता है कि किसी बच्चे को काउंसलिंग की जरूरत है तो उसकी सहायता की जाती है। नेहरू इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल एलीना दयाल ने बताया कि बोर्ड क्लास का सिलेबस 15 नवंबर तक खत्म हो गई थी। अब रिवीजन शुरू हो चुका है।
जैसे-जैसे एग्जाम पास आ रहे हैं, वैसे-वैसे बच्चों में तनाव बढ़ रहा है। इसलिए बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। इस दौरान बच्चे को बताया जा रहा है कि वे पढ़ाई को बोझ समझकर न पढ़ें। बाल भारती पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल आशा प्रभाकर ने बताया कि 5 दिसंबर से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू हो रही है।
कुछ बच्चे तो परीक्षा का नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। इसका प्रभाव उनकी परीक्षा पर पड़ सकता है। काउंसिलंग के जरिये बच्चों को प्रोत्साहित किया जाता है। काउंसलिंग और बच्चों की मेहनत का ही नतीजा है कि पिछले वर्ष सभी बच्चे अच्छे नंबर से पास हुए।