राजधानी में निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में नर्सरी में दाखिले को लेकर स्कूलों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। शिक्षा निदेशालय के सख्त निर्देशों के बावजूद 1700 से अधिक निजी स्कूलों ने अपने दाखिला मानक अपलोड करने में रुचि नहीं दिखाई है। शिक्षा निदेशालय ने दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाने के लिए मानकों को अपलोड करने के लिए 20 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की थी। निजी स्कूल निदेशालय के इस निर्देश को गंभीरता से नहीं ले रहे, जबकि नए साल से स्कूलों में दाखिले शुरू होने हैं।
आठ दिसंबर को शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को दाखिले के लिए अपने मानक व उसके लिए अंक निर्धारित कर सारी जानकारी निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए थे। हैरानी की बात यह है कि स्कूलों ने निदेशालय को गंभीरता से नहीं लिया है। राजधानी के कुल 1735 स्कूलों मे से महज 358 स्कूलों ने ही तय समय सीमा में अपने दाखिले के मानकों की सारी जानकारी निदेशालय को उपलब्ध कराई है, जबकि 1377 स्कूलों ने अब तक अपने मानक अपलोड ही नहीं किए। निदेशालय के निर्देशों को दरकिनार करने वाले स्कूलों में सबसे अधिक 274 उत्तर-पूर्वी इलाकों के है।
इस इलाके में 307 निजी स्कूलों में से केवल 33 ने ही अपनी दाखिला जानकारी अपलोड की है। दूसरे नंबर पर उत्तर पश्चिमी (बी) का इलाका है। जहां 239 स्कूल हैं जिनमें से महज 72 ने ही मानक अपलोड करने में रुचि दिखाई है। एडमीशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि या तो स्कूल निदेशालय के निर्देशों को गंभीरता से नहीं ले रहे या फिर वह अपने मानक जारी कर पारदर्शिता नहीं बरतना चाहते हैं। बीते साल भी स्कूलों ने ऐसा किया था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। निदेशालय को ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।