पांच दिनों से जो चिंगारी सुलग रही थी, बृहस्पतिवार को वह आग में तब्दील हो ही गई। स्वाती नेगी और भूपिंदर नेगी दावेदार के रूप में इस बार चुनावी मैदान में दम ठोंक रहे हैं।
आंदोलन के बीच दोनों प्रत्याशियों ने अपना प्रचार शुरू भी कर दिया था। इस बीच दोनों प्रत्याशियों के कार्यकर्ताओं के बीच पैदा हुआ विवाद जानलेवा हमले तक पहुंच गया।
13 जुलाई को स्वाती नेगी के साथ नवदीप कॉलेज में चुनाव प्रचार कर रहा था। इस बीच सामने आ रहे दूसरे दावेदार भूपिंदर के साथी रमन बिष्ट से उसका विवाद हो गया।
बात मारपीट तक आ गई लेकिन कालेज में मौजूद पुलिस ने स्थिति संभाल ली। इसके बाद भी एक दिन ऐसा ही वाकया पेश आया, जिसमें हालात संभाल लिए गए लेकिन यह चिंगारी लगातार सुलग रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष सुमित्र सिंह भुल्लर और दूसरे वरिष्ठों ने दोनों को एक जगह बैठाकर सुलह करवाई। भुल्लर ने बताया कि उन्होंने दोनों से आपस में सॉरी बुलवाया था, हाथ भी मिलवाया था।
लग रहा था कि अब मामला शांत हो गया है लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। संगठन की ओर से इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया जताई गई है।
अब सता रहा आंदोलन ठंडा होने का डर
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच सरेशाम गोली चलने की घटना के बाद डीएवी का बवाल पीक पर नजर आ रहा है। छात्रों का आंदोलन भी गोलीकांड के बाद और उग्र होने की आशंका प्रबल होती जा रही है।
घटना के बाद कई छात्र नेता अपने आंदोलन के भविष्य को लेकर भी चिंतित नजर आए। हालांकि छात्र नेता इस पक्ष में भी दिखे कि आंदोलन केवल शांतिपूर्वक ही चलाया जाए।