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NSUI के छात्र गुटों में संघर्ष, चली गोलियां

Thu, 18 Jul 2013 07:29 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
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एनएसयूआई के दो गुटों के विवाद का अंत तमंचे से निकली गोली से हुआ। गुरुवार दोपहर को एनएसयूआई के एक गुट के दो कार्यकर्ताओं पर दूसरे गुट ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में दो छात्रनेता गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर छात्रनेता भाग निकले।
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घायलों को सीएमआई अस्पताल पहुंचाया गया। राजीव नगर बाजार में दिनदहाड़े तमंचे से ताबड़तोड़ फायर होने से अफरातफरी मच गई। सूचना पर कई थानों की पुलिस बल अस्पताल पहुंची। वहां पर पुलिस के साथ कई बार एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने एक छात्रनेता को गिरफ्तार कर लिया।

एनएसयूआई छात्रनेता स्वाती नेगी और भूपेंद्र आगामी छात्रसंघ चुनाव में संगठन से भावी उम्मीदवार बताए जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से दोनों गुटों में आपसी रार चरम पर है। बीते शनिवार को स्वाती गुट के समर्थक नवदीप ने भूपेंद्र के साथ रमन बिष्ट पर ईंट से हमला कर दिया।
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दोनों गुटों में खूनी संघर्ष होता, इससे पहले पुलिस ने बीच बचाव कर स्थिति को संभाला था। लेकिन, इस हमले के बाद दोनों गुटों ने एक दूसरे को परिणाम भुगतने की धमकी बीच कालेज में दी।

शनिवार को स्वाती गुट के नवदीप और प्रदीप राजीवनगर से होते हुए एमडीडीए केदारपुरम अपने घर जा रहे थे। इतने में कार सवार कुछ युवक आए और इन पर ताबड़तोड़ फायर कर दिया। नवदीप के सीने पर एक गोली लगी, जबकि हाथ और पांव में एक-एक गोली लगी। प्रदीप की कमर में एक गोली लगी। अचानक चली गोलियों से राजीवनगर बाजार में अफरातफरी मच गई।

हिरासत में लिया छात्रनेता
हमला करने के बाद हमलावर भाग निकले। घायलों को सीएमआई अस्पताल लाया गया। जहां डाक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई। सूचना पर अस्पताल में एनएसयूआई कार्यकर्ता भी जुट गए। कुछ देर बाद पुलिस ने सीएमआई अस्पताल परिसर से ही एनएसयूआई नेता मोहित को हिरासत में ले लिया।

उफ...यहां भी राजनीति
उफ...यहां भी राजनीति। यह शब्द सीएमआई के इमरजेंसी में गंभीर रोग से जूझ रही एक महिला के हैं। एनएसयूआई के दोनों घायल छात्र नेताओं को जब इमरजेंसी में दाखिल किया गया। तो साथ में कई छात्रनेता भी अंदर प्रवेश कर गए। वहां पर एसओ नेहरू कालोनी और चौकी इंचार्ज बाईपास सूचना पर पहुंचे।

इतने में बड़ी संख्या में छात्रनेता पुलिस कर्मियों से इमरजेंसी के अंदर ही उलझ पड़े। छात्रों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों और डाक्टरों ने छात्रों को इमरजेंसी में गंभीर रूप से जख्मी या रोगी मरीजों को हो रही दिक्कतों को हवाला दिया, लेकिन सब ने आग्रह को अनसुना कर दिया। इतने में एक मरीज बोली उफ...यहां भी राजनीति करोगे बेटा।
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