दिल्ली विवि छात्र संघ चुनावों में अपने दो प्रत्याशियों पर दाखिले में फर्जीवाड़े के आरोप के बाद एनएसयूआई एक्टिव मोड में आ गई है। एनएसयूआई ने एबीवीपी के आरोपों को निराधार बताते हुए एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रवेश मलिक पर एफआईआर दर्ज होने के मामले को कवर अप करने का स्टंट बताया है।
चारों सीटों पर अपनी जीत को आश्वस्त लेकर चल रही एनएसयूआई ने कहा है एबीवीपी के ऐसे भ्रामक आरोपों से हमारे प्रत्याशियों का प्रचार ही हो रहा है।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोजी एम जॉन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर हमारे दोनों प्रत्याशियों पर लगाए गए आरोप सच होते तो अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ न कुछ एक्शन लेता। उन्होंने साफ किया कि ना ही कॉलेज से और ना ही डीयू प्रशासन की ओर से उन्हें कोई नोटिस मिला है। डीयू के छात्र वोटिंग के जरिए एबीवीपी को जवाब देंगे।
खुद पर लगे आरोप पर उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार मोना चौधरी ने कहा कि लॉ फैकल्टी में उनका दाखिला जायज है। हिमाचल प्रदेश की यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने को भी उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि एबीवीपी अपनी कमियों को छुपाने के लिए यह सब कर रही है।
वहीं एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गौरव तुषीर ने खुद पर लगे आरोपों पर कहा कि उनसे जो जानकारी मांगी गई, वह उन्होंने दे दी है और अब वह चैप्टर बंद हो गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को एबीवीपी ने एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार गौरव तुषीर और उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार मोना चौधरी पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाए थे। एबीवीपी ने गौरव तुषीर पर दाखिले के दौरान झूठा शपथ पत्र देने के साथ ही उपाध्यक्ष पद की उम्मीदवार लॉ सेंटर की छात्रा मोना चौधरी पर भी एक समय में दो जगह से डिग्री लेने का आरोप लगाया था।