प्रदेश विश्वविद्यालय की भंग की गई एससीए के पदाधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने एससीए भंग करने के तानाशाही फैसले के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है।
शनिवार को विभागीय प्रतिनिधियों और पूर्व एससीए पदाधिकारियों की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई। एससीए के पूर्व सचिव पीयुष सेवल और सह सचिव मोनिका ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इसे एससीए के बहाल होने तक जारी रखा जाएगा। कुलपति, डीएस और कुलसचिव के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। पीयुष ने कहा कि सुप्रीमकोर्ट के आदेशों पर गठित लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक ही एससीए चुनी जाती है।
बिना ठोस कारण भंग करने का लगा आरोप
आरोप लगाया कि कुलपति और डीएस ने जानबूझ कर एससीए को बिना किसी ठोस कारण के भंग करने का कार्य किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से कुलपति और डीएस को पद से तुरंत हटाए जाने की मांग की।
सेवल ने चेताया कि यदि इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो एससीए पदाधिकारी मिलकर धरने प्रदर्शन, नुक्कड़ और पर्चे बांटेंगे।