पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) पत्राचार से पढ़ाई करने वालों को अब जेब अधिक ढीली करनी पड़ेगी।
पीयू सीनेट ने रविवार को फीस बढ़ोतरी के फैसले पर मुहर लगा दी है। फैसले से यूसोल में पढ़ने वाले 22 हजार से अधिक विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
सीनेट मीटिंग में यूसोल के विभिन्न कोर्स की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव का कई सीनेटर ने जमकर विरोध किया।
पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर और यूसोल चेयरमैन प्रो. ललित के बंसल ने बोर्ड ऑफ फाइनेंस की हिदायतें और फंड की कमी का हवाला देते हुए फीस बढ़ाने को जरूरी बताया।
प्रस्ताव पर सबसे पहले सीनेटर और बीजेपी वरिष्ठ नेता सत्यपाल जैन ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों के लिए यूसोल ही एकमात्र डिग्री हासिल करने का विकल्प है।
प्रस्ताव पर सीनेटर डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. एसएस सांगा और सीनेटर मनीष वर्मा ने भी विरोध जताया। डॉ. दिनेश ने कहा कि 10 फीसदी फीस बढ़ाने की जगह 2 से 3 फीसदी फीस में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
पीयू एग्जाम कंट्रोलर को मिली बधाइयां
पीयू सीनेट में पीजी स्तर पर एग्जाम का रजिस्ट्रेशन और एडमिट कार्ड की ऑनलाइन सुविधा शुरू करने पर पूरी सीनेट ने मिलकर कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. परविंदर सिंह को मेज थपथपाकर खूब बधाई दी। सीनेटर डॉ. दलीप ने कंट्रोलर को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ ही रविवार को जन्मदिन की मुबारकबाद भी दे डाली। इसके बाद तो सभी ने कंट्रोलर को बधाई देनी शुरू कर दी। कई कॉलेज सीनेटर ने कहा कि नए सिस्टम से पीयू के एग्जामिनेशन सिस्टम में काफी सुधार हुआ है।