पंजाब के सरकारी स्कूलों में राष्ट्र भाषा हिंदी अब ऑप्शनल होने जा रही है। विद्यार्थी अब मन होगा तो ही हिंदी पढ़ेंगे। नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को हिंदी और एसएसटी विषयों की जगह एक वोकेशनल कोर्स चुनना होगा। शुरुआती दौर में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से उन स्कूलों को पत्र जारी कर दिया गया है, जहां वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं। यह ध्यान रखा जा रहा है कि वोकेशनल कोर्स के कारण विद्यार्थियों पर सिलेबस का अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके तहत उन्हें एसएसटी या हिंदी विषय में से एक को छोड़कर वोकेशनल कोर्स पढ़ना होगा।
सरकार की तरफ से आए निर्देश के बाद संभावना है कि वोकेशनल कोर्स चुनने वाले छात्रों में 80 फीसदी से ज्यादा हिंदी के ही होंगे। वहीं शिक्षा विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों के मुताबिक वोकेशनल कोर्स जब शुरू हुए थे तब एसएसटी का विषय ही विकल्प के लिए रखा गया था। अब सरकार ने हिंदी को ऑप्शनल सब्जेक्ट की सूची में डालकर राष्ट्र भाषा को संकट में डाल दिया है।
सरकारी स्कूलों में पहुंचे निर्देश, पायलट प्रोजेक्ट शुरू
जिन स्कूलों में वोकेशनल कोर्स चल रहे हैं, उन स्कूलों में स्टूडेंट्स को हिंदी और एसएसटी में से एक को चुनना होगा। इन विषयों की जगह पर उन्हें वोकेशनल कोर्स पढ़ाया जाएगा।
- हरविंदर कौर, डीईओ पटियाला
पहले जो पत्र मिला था, उसमें कंप्यूटर क्लास कम कर वोकेशनल कोर्स पढ़ाने की बात की गई थी। अब नए पत्र के मुताबिक हिंदी या एसएसटी की जगह वोकेशनल कोर्स पढ़ाया जाएगा।
- बलजीत सिंह बराड़, सीईओ फरीदकोट