वित्तीय मसलों पर फैसला लेने के लिए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के हाथ बंधने वाले हैं। सरकार इसमें नए प्रावधान करने वाली है। वीरवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश विवि अधिनियम-1970 संशोधन विधानसभा पटल पर रखा। इस पर शुक्रवार को शीत सत्र के अंतिम दिन चर्चा होगी। एक्ट की धारा 21 और 28 में संशोधन किया जा रहा है।
धारा 21 की ए और बी उपधारा में बदलाव होगा। ए के अनुसार ईसी की बैठक में यदि वित्त सचिव या शिक्षा सचिव उपलब्ध नहीं हैं, तो इनके प्रतिनिधि शामिल हो सकेंगे। यानी इनके बिना विवि की सर्वोच्च संस्था कार्यकारी परिषद भी वित्तीय मामलों पर फैसला नहीं ले सकती।