दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिनेश सिंह को कारण बताओ नोटिस मिलने की बात सामने आने पर डीयू में हलचल शुरू हो गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस फैसले से छात्र और शिक्षक संगठन अपनी-अपनी जीत मान रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ ने राहत जताई है, हालांकि इस मामले में डीयू के प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ नंदिता नारायण ने कहा कि नोटिस की बात से राहत तो है लेकिन खुशी नहीं है। खुशी तभी होगी जब कुलपति को हटाया जाएगा। डूटा लगातार कुलपति को हटाने की मांग करता आ रहा है। कुलपति पर एफवाईयूपी, नियुक्ति प्रक्रिया और ओबीसी के पैसे के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं। डॉ. नारायण के अनुसार, नोटिस मिलने से उम्मीद जगी है कि कुलपति की जल्द विदाई होगी।
मंत्रालय को यह फैसला काफी पहले कर लेना चाहिए था। वहीं एबीवीपी का कहना है कि कुलपति एफवाईयूपी के नाम पर छात्रों के करियर से खेल रहे थे लिहाजा उन्हें सजा मिलनी चाहिए थी। एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा ने कहा कि कुलपति को पद से हटा देना ही काफी नहीं है बल्कि दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे भी चलाया जाना चाहिए।