कॉलेजों के शिक्षक, स्टूडेंट्स, कर्मचारी और इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधी डाटा फीडिंग की जानकारी देने के लिए बुलाई गई बैठक में 126 में 96 कॉलेज अनुपस्थित रहे, जिस पर लविवि ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
सभी कॉलेज के प्रिसिंपल्स को जवाब के साथ हाजिर होने को कहा गया है। यहां खास बात यह है कि एआईएसएचई (ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजूकेशन) की वेबसाइट पर खुद एलयू ने अब तक आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए हैं।
दरअसल, पिछले महीने मानव संसाधन मंत्रालय ने बैठक में लविवि को इस पर काफी फटकार लगाई थी, जिसके बाद एलयू ने डाटा फीड करने के प्रयास तेज कर दिए।
सभी कॉलेजों और लविवि को 15 फरवरी तक डाटा फीडिंग का समय दिया गया है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत विश्वविद्यालय समेत सभी कॉलेजों को अपने यहां के शिक्षक, स्टूडेंट्स, भवन आदि जानकारियां एआईएसएचई की वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होती हैं।
इसके बाद ही यूजीसी से अनुदान मिलता है लेकिन लविवि समेत कई कॉलेजों ने डाटा फीड नहीं किया है, जिस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने लविवि को फटकार लगाते हुए जल्द डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
इस पर एलयू ने गुरुवार को विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में कॉलेजों को दिशा-निर्देश देने के लिए बैठक बुलाई गई, जिसमें 126 में से केवल 30 कॉलेज ही शामिल हुए, जिस पर कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने नाराजगी जताई।
लविवि ने 96 कॉलेजों को नोटिस जारी किया।को-ऑर्डिनेटर डॉ. पुनीत मिश्रा ने कॉलेजों को डाटा फीडिंग के बारे में टिप्स दिए। कॉलेजों को 15 तक फीडिंग के निर्देश दिए हैं।