स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए बुरी खबर। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स इस बार एग्जाम नहीं दे पाएंगे, क्योंकि अब ऐसे गैर मान्यता वाले स्कूलों का खेल बंद होगा, जो मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला दिखाकर परीक्षाएं करवाते रहे हैं।
इस मामले में शिक्षा विभाग सख्त हो गया है और ऐसे गैर मान्यता वाले स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है। इसके बाद ऐसे गोरखधंधे पर प्रतिबंध लग सकेगा।
विभाग के इस कदम से उन मान्यता प्राप्त स्कूलों की कमाई भी कम होगी, जो गैर मान्यता प्राप्त वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को अपने स्कूल में दाखिला दिखाकर प्रति विद्यार्थी फीस वसूलते हैं।
शिक्षा विभाग के निदेशक ने सभी जिला अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देशों की पालना करने को कहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थी किसी भी मान्यता प्राप्त स्कूल के तहत परीक्षा न दे सकें।
इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसे स्कूलों पर नकेल कसने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अभिभावकों को जागरूक होने की आवश्यकता हो गई है, क्योंकि अब उन्हें देखना है कि उनका बच्चा जिस स्कूल में पढ़ रहा है, उसको मान्यता मिली हुई है या नहीं।
खंड शिक्षा अधिकारी आत्म प्रकाश मेहरा ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि ऐसे काफी स्कूल हैं, जिनको मान्यता नहीं मिली हुई और उन स्कूलों के विद्यार्थियों की परीक्षाएं किसी मान्यता प्राप्त वाले स्कूलों के तहत होती हैं। ऐसे में शिक्षा का स्तर गिरना स्वाभाविक है।