निजी संस्थानों में मैनेजमेंट सीट पर पढ़ रहे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शुल्क की प्रतिपूर्ति नहीं हो पाएगी।
बजट के अभाव के चलते समाज कल्याण विभाग ने यह फैसला किया है।
यही नहीं, निजी संस्थानों में काउंसलिंग के जरिए दाखिला लेने वाले सामान्य वर्ग के उन्हीं छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति हो पाएगी, जिनके अभिभावकों की आमदनी 33 हजार रुपये सालाना से अधिक नहीं है।
किसे मिलेगी सुविधा
इन दिनों सत्र 2012-13 की शुल्क प्रतिपूर्ति की जा रही है। वे सभी छात्र-छात्राएं इस सुविधा के हकदार हैं, जिनके अभिभावकों की आमदनी दो लाख रुपये सालाना तक है।
इस दायरे में आने वाले सामान्य वर्ग के कुल 5.87 लाख छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 945 करोड़ रुपये की जरूरत है। लेकिन शासन से समाज कल्याण विभाग को सिर्फ 278 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
इस बजट में सरकारी और सहायता प्राप्त सरकारी संस्थानों में पढ़ रहे सामान्य वर्ग के सभी छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति हो जाएगी, मगर निजी संस्थानों के सामान्य वर्ग के हजारों विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं मिल सकेगी।
तय हुई कटऑफ इनकम
निजी संस्थानों में श्रेणी ‘ग’ (काउंसलिंग के मार्फत फ्री सीट पर दाखिला लेने वाले) के लिए कटऑफ इनकम 33 हजार रुपये सालाना तय की गई है।
श्रेणी ‘घ’ (मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दाखिला लेने वाले) के सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति से समाज कल्याण विभाग ने एकदम हाथ खड़े कर दिए हैं।
विभाग के मुताबिक, इस श्रेणी के करीब 25 हजार विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 40 करोड़ रुपये की जरूरत है, जो उसके पास नहीं है।