अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी श्रीदेव सुमन विवि की व्यवस्थाओं के संचालन में बाधा बन रही है। कुलपति और कुलसचिव के अलावा अभी तक विश्वविद्यालय में एक भी स्थाई कर्मचारी की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
20 उपनल कर्मियों के भरोसे ही विवि की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। दस माह पहले शासन ने 40 पदों पर नियुक्ति करने की स्वीकृति दे दी थी। ये नियुक्तियां कब और किस आधार पर होंगी विवि अभी इसका निर्धारण नहीं कर पाया है।
टिहरी जिले में दो, पौड़ी, चमोली और देहरादून जिले में विवि को अपना एक-एक कैंपस कॉलेज खोलना है। लेकिन शासन-प्रशासन और विवि की लेटलतीफी के चलते ये कॉलेज खुलने की राह भी आसान नहीं दिख रही है।
सीएम ने दिया है आश्वासन
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गढ़वाल विवि के अंशकालिक शिक्षकों और कर्मियों को बीते दिन श्रीनगर में श्रीदेव सुमन विवि में समायोजित करने का आश्वासन दिया है। इस स्थिति में श्रीदेव सुमन विवि में रोजगार की आस पाले स्थानीय युवाओं की उम्मीद को झटका लग सकता है।
2011 में बना था विवि
बादशाहीथौल में वर्ष 2011 में श्रीदेव सुमन विवि अस्तित्व में आ चुका था। दिसंबर 2012 में कुलपति और सितंबर माह में कुलसचिव की नियुक्ति हो चुकी थी।
लेकिन तृतीय, चतुर्थ, प्रशासनिक अधिकारी, सहायक कुलसचिव सहित अन्य पदों पर नियुक्ति नहीं हो पाई है। आउट सोर्सिंग से नियुक्त कर्मी ही विवि की व्यवस्थाएं को चला रहे है।
गढ़वाल विवि से सेवानिवृत्त चार-पांच कर्मचारियों ने गत वर्ष विवि में अपना योगदान दिया, लेकिन दो माह बाद उन्हें श्रीदेव सुमन विवि की नियुक्ति रास नहीं आई। जिस उद्देश्य के लिए विवि की स्थापना हुई थी मेन पॉवर के अभाव में विवि उस दिशा में आगे नहीं बढ़ पा रहा है।