डीएवी और डीबीएस कालेज में मेरिट पर दाखिले के शासनादेश से इतर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने गत वर्ष की एडमिशन प्रक्रिया ही बहाल कर दी। मुख्यमंत्री ने दोनों कालेजों को निर्देश दिए हैं कि वे छात्र संख्या को दुरुस्त करने के लिए इवनिंग क्लास भी चलाएं लेकिन इसकी फीस मॉर्निंग क्लास से अलग न हो। इसकी जानकारी दोनों कालेज प्राचार्यों ने प्रबंधन को फारवर्ड कर दी है।
समान फीस ली जाएगी
डीएवी और डीबीएस के मामले को लेकर बृहस्पतिवार को छात्र संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनकर तत्काल प्रभाव से गत वर्ष की एडमिशन प्रक्रिया ही बहाल कर दी। मुख्यमंत्री की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक डीएवी व डीबीएस कालेज में सांयकालीन सत्र में प्रात:कालीन सत्र के समान ही फीस ली जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल जितने दाखिले हुए, उतने ही प्रवेश इस साल भी करने के लिए गढ़वाल विवि से बात की जाएगी। छात्र, श्रीदेव सुमन विवि में प्राईवेट परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित हो सकेंगे और उनका परीक्षा केंद्र डीएवी में रखा जाएगा। अगले वर्ष डीएवी व डीबीएस कालेज की परीक्षाएं भी श्रीदेव सुमन विवि द्वारा आयोजित करने के निर्देश भी जारी कर दिए गए। इस मौके पर मुख्य सचिव सुभाष कुमार, प्रमुख सचिव राकेश शर्मा, राधा रतूड़ी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
सीएम का पत्र पहुंचा
शाम तक दोनों कालेज प्राचार्यों के पास सीएम का पत्र पहुंच गया, जिसमें पुरानी व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। डीएवी प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन और डीबीएस प्राचार्य डा. ओपी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन्होंने सीएम के निर्देश प्रबंधन को प्रेषित कर दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार से कालेज में प्रॉस्पेक्टस आवंटन शुरू हो जाएंगे।
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