एक वर्षीय एमएलएम कोर्स चलाने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने यूनिवर्सिटी में स्टडी सेंटर होने की शर्त रखी है।
मंगलवार को यूजीसी की ओर से जारी दिशा-निर्देश में बताया गया कि ऐसी यूनिवर्सिटी जिनके यहां पर सेंटर फॉर पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज होगा वे ही अपने यहां पर एक वर्षीय एलएलएम कोर्स चला सकेंगे।
यूजीसी के सेक्रेट्री जसपाल एस संधु के अनुसार एक वर्षीय एलएलएम कोर्स चलाने के लिए यह सेंटर होना बहुत जरूरी है।
इसके अलावा यूनिवर्सिटी में फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक लाइब्रेरी व टेली कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी आवश्यक है। फिलहाल लखनऊ विश्वविद्यालय में इस स्तर की सुविधा नहीं हैं।
ऐसे में एक वर्षीय एलएलएम कोर्स चलाया जाना कठिन होगा। यूजीसी सेक्रेट्री के अनुसार यह कोर्स सेंटर फॉर पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज में ही चलाया जाएगा, ताकि स्टूडेंट्स को एक वर्षीय एलएलएम कोर्स में दिक्कत न हो।
हालांकि एलयू में यह सुविधा नहीं होने से यूनिवर्सिटी प्रशासन दो वर्षीय एलएलएम की डिग्री ही दे पाएगा। एलयू प्रशासन का कहना है कि अभी इस मामले में विचार किया जाएगा।
फिलहाल इस स्तर की सुविधाएं यहां पर नहीं हैं। आगे सेंटर फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज पर विचार किया जाएगा। एक वर्षीय एलएलएम कोर्स में वे स्टूडेंट दाखिला पा सकेंगे।
जिन्होंने एक डिग्री के साथ-साथ एलएलबी की डिग्री भी ली हो या इंटरमीडिएट के बाद पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम किए हों।