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लिखित परीक्षा के पासआउट को सीधे सरकारी नौकरी

Thu, 29 Jan 2015 02:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शहर के सरकारी स्कूलों के लिए होने वाली शिक्षकों की भर्ती में सेटिंग का जबरदस्त खेल हो सकता है। शिक्षा विभाग ने 2009 के शिक्षक भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए इस बार इंटरव्यू खत्म कर दिया है और चयन सिर्फ लिखित परीक्षा से बनने वाली मेरिट पर होगा।
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सूत्रों का कहना है कि भर्ती में सफल होने के लिए सेटिंग शुरू हो गई है। लिखित परीक्षा चंडीगढ़ के ही स्कूल-कॉलेज में होंगे और इसमें फर्जीवाड़ा हो सकता है।

सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षक परीक्षा सेंटर पर अपने रिश्तेदारों की मदद के लिए खुद की ड्यूटी लगवा रहे हैं। एडमिट कार्ड में लगे फोटो के साथ भी छेड़छाड़ करने की कोशिशें की जा रही हैं।
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हालांकि, दूसरे की जगह परीक्षा देने वालों को पकड़ने के लिए सीसीटीवी भी होंगे और परीक्षार्थियों के अंगूठे के निशान भी मिलाए जाएंगे।
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31 जनवरी से शुरू होगी परीक्षा

एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी के 1134 पदों के लिए शिक्षा विभाग के पास 60 हजार से अधिक आवेदन आए हैं। ये सभी अभ्यर्थी परीक्षा में अपीयर होंगे और विभिन्न चरणों में परीक्षा ली जाएगी।

31 जनवरी को एनटीटी और 1 फरवरी को जेबीटी की परीक्षा दो चरणों में होगी। टीजीटी के लिए 14 फरवरी को पहला कॉमन टेस्ट और फिर अन्य विषयों के लिए 28 फरवरी तक परीक्षाओं का दौर चलेगा।
 
प्राइवेट एजेंसी के हाथ परीक्षा की बागडोर
वर्ष 2009 में शिक्षा विभाग द्वारा की गई 538 शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले का मामला अभी तक बंद नहीं हो पाया है। पूर्व डीपीआई स्कूल सम्वर्तक सिंह के खिलाफ अब भी सीबीआई कोर्ट में मामला चल रहा है। ऐसे में शिक्षा विभाग मौजूदा भर्ती को पारदर्शी बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है।

परीक्षा की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी को दी गई है और प्रशासन के चुनिंदा अफसरों को ही परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। 2009 में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों को इस बार भर्ती प्रक्रिया से अलग कर दिया गया है।

शिक्षकों की भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। नकल रोकने और सुरक्षा को लेकर पूरे इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा से पहले हर शिकायत या सुझाव को गंभीरता से लिया जाएगा।
- कमलेश कुमार, डीपीआई स्कूल, यूटी
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