वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अंतरिम बजट से उस आम आदमी के हिस्से राहत आई है, जिसने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए एजुकेशन लोन लिया था।
बजट में 2009 से लेकर 2013 तक एजुकेशन लोन के ब्याज माफी की घोषणा की गई है। दून में 70 हजार से अधिक एजुकेशन लोन धारक इस दायरे में होंगे। साफ है कि उनके अभिभावक इस कदम से राहत महसूस कर रहे हैं।
एक निजी कंपनी में कार्यरत संदीप अग्रवाल ने अपने बेटे कुणाल को बीटेक की पढाई के लिए 2010 में एजुकेशन लोन दिलाया था। ब्याज माफी से जुड़ी खबर से वह खुश हैं।
अगर केवल दो सालों 2012 और 2013 की बात करें और दून के चार बैंकों स्टेट बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तराखंड ग्रामीण केनरा बैंक का आंकड़ा देखें तो लाभार्थियों की संख्या तकरीबन 14 हजार से अधिक बैठती है।
इस आधार पर पांच साल में लोन लेने वाले 70 हजार से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं ब्याज माफी के इस कदम से फायदे में रहेंगे। प्रोफेशनल, तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए विभिन्न बैंकों की ओर से दिए जाने वाले एजुकेशन लोन में सबसे अधिक संख्या बीटेक करने के लिए लोन लेने वाले आवेदकों की है।
तीसरा सबसे बड़ा पोर्टफोलियो
हाउसिंग लोन और व्हीकल लोन के बाद सबसे बड़ा पोर्टफोलियो एजुकेशन लोन का है। पंजाब नेशनल बैंक के मंडल प्रमुख अशोक अनेजा के अनुसार ब्याज के संबंध में अभी बजट में घोषणा हुई है। निर्देश आने पर तफसील पता चलेगी।