जल्द ही छात्रों को नोएडा में लंदन की एतिहासिक क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी (क्यूएमयू) की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
इसकी शुरुआत इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट के कॉन्टिनेंट कोर्सों से होगी, जिसके बाद लॉ, नेनो मेटिरियल और बायो साइंस जैसे कोर्सों में भी पढ़ाई होगी। इन कोर्सों का एक हिस्सा क्यूएमयू लंदन के शिक्षक पढ़ाएंगे।
इन कोर्सों की शुरुआत एमिटी यूनिवर्सिटी की ओर से की जाएगी। इसके लिए क्यूएमयू के सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एमिटी यूनिवर्सिटी का दौरा किया।
इस मौके पर क्यूएमयू की इंटरनेशनल पार्टनरशिप डेवलपमेंट ऑफिसर हैरियट हाउस ने कहा कि उनकी यूनिवर्सिटी उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के छात्रों को ज्यादा से ज्यादा मौके देना चाहती है।
इस श्रेणी में चीन के साथ ड्यूअल डिग्री कोर्स चलाए जा रहे हैं, जहां 50 फीसदी पढ़ाई बीजिंग की फैकल्टी और 50 फीसदी कोर्स की पढ़ाई क्यूएमयू के शिक्षक कराते हैं। इस तरह के कोर्स यहां भी शुरू किए जाएंगे।
एमिटी के ग्रुप एडिशनल वीसी डॉ. गुरिंदर सिंह ने कहा कि जल्द ही तीन कॉन्टिनेंट कोर्स शुरू होंगे। इसके अलावा रिसर्च के भी कोर्स तैयार किए जा रहे हैं। इस मौके पर डॉ. ललित भारद्वाज, प्रोफेसर अभय बंसल और डॉ. पीके पॉल ने विदेशी प्रतिनिधि मंडल को स्थानीय संस्थानों की जानकारी दी।
पश्चिम अफ्रीका के भी कोर्स
पश्चिम अफ्रीका की केलावी यूनिवर्सिटी की ओर से वैकल्पिक ऊर्जा, कृषि एवं खाद्यान्न संरक्षण, रासायनिक प्रक्रिया, कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ संयुक्त कोर्स चलाएगी। इसके अलावा ई-लर्निंग, डिस्टेंस एजुकेशन के साथ छात्रों के लिए शॉर्ट टर्म कोर्स संचालित किए जाएंगे।