उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) के एमबीए और एमसीए कोर्स सुपर फ्लॉप साबित हो गए हैं।
बीटेक के अलावा एमबीए-एमसीए समेत सभी कोर्सों की मुख्य काउंसलिंग खत्म होने के बाद गौतमबुद्ध नगर के 45 एमबीए कॉलेजों की 13 फीसदी और 21 एमसीए कॉलेजों की सिर्फ 22 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
वैश्विक बाजार में एमबीए की गिरती डिमांड में प्लेसमेंट और नौकरियों के मौके सिमट गए हैं।
पांच कॉलेजों को सिर्फ 5 सीटें
दरअसल, बीटेक को छोड़कर यूपी स्टेट एंट्रेंस एग्जाम (एसईई) में सफल सभी कोर्सों के छात्रों की काउंसलिंग के च्वाइस फिलिंग नतीजे घोषित कर सीट आवंटित कर दी गई हैं।
पूरे प्रदेश में एमबीए-एमसीए कॉलेजों का बुरा हाल है। बी फार्मा का रुझान भी लगभग खत्म हो गया है। जिले के 10 फार्मेसी कॉलेजों में सिर्फ 15 फीसदी सीटें ही भरी हैं।
पांच वर्षीय मास्टर इन एप्लाइड मैनेजमेंट (एमएएम) कोर्स में नोएडा-ग्रेनो के पांच कॉलेजों को सिर्फ 5 सीटें अलॉट हुई हैं, 259 सीटें खाली रह गई हैं।
आर्किटेक्चर रहा सुपर हिट
यूपीटीयू के तमाम कोर्सों में आर्किटेक्चर पहली बार पसंदीदा विषय बनकर उभरा है। विवि के सभी 24 कॉलेजों की सीटें फुल हो गई हैं।
इन कॉलेजों की 872 सीटों में से 94 फीसदी से ज्यादा यानि 815 सीट भर गई हैं। बीआर्क में अब आरक्षित श्रेणी की सिर्फ 57 सीटें ही खाली बची हैं।
हर कॉलेज में सिर्फ दो या तीन सीट ही खाली हैं, जिन पर दूसरे राउंड में सिर्फ आरक्षित श्रेणी के छात्रों की काउंसलिंग होगी।