हरियाणा के निजी स्कूलों में नियम 134-ए के तहत दाखिला लेने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे स्कूल के दरवाजे की ओर ताक रहे हैं। लर्निंग लेवल असेसमेंट के परिणाम आने के बाद ही इन बच्चों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा।
जिसके बाद अन्य औपचारिकताएं पूरी करने में भी समय लगेगा। इस कारण पाठ्यक्रम के मामले में ये बच्चे लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। शिक्षा विभाग परीक्षा परिणाम घोषित करने में देरी कर रहा है।
शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने झज्जर में आश्वासन दिया था कि जिन बच्चों का दाखिला होना है उनकी सूची सोमवार को शिक्षा विभाग जारी कर देगा, लेकिन सोमवार को तकनीकी खामी के कारण परिणाम वेबसाइट पर नहीं आ सका।
हालांकि विभाग की ओर से यह बात कही गई थी कि सूची बुधवार को जारी होगी, लेकिन शिक्षा मंत्री के बयान से स्कूलों की ओर टकटकी लगाए अभिभावकों को एक दिन पहले परिणाम आने की आस बंध गई थी, जो सोमवार को टूट गई।
उधर, दो जमा पांच मुद्दे जन पार्टी हरियाणा के संस्थापक सत्यवीर सिंह हुड्डा ने प्रेस बयान जारी कर एक नया मुद्दा उछाल दिया है। उन्हाेंने कहा है कि हरियाणा सरकार ने 134 ए के तहत गरीब बच्चों का जो कोटा 25 से घटाकर 10 प्रतिशत किया है। उसे वापस 25 प्रतिशत किया जाए, क्योंकि सरकार ने विधानसभा में यह पास नहीं किया है। हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार आज भी दाखिलों का यह प्रतिशत 25 प्रतिशत ही है।
मैने इस संदर्भ में संबंधित अधिकारी से बात की है। कुछ तकनीकी खामी के कारण हम बच्चों की सूची जारी नहीं कर सके। कोशिश है कि मंगलवार तक यह सूची जारी कर दी जाए।
डी सुरेश, निदेशक प्राथमिक शिक्षा, हरियाणा