दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव के दौरान दीवारों पर पोस्टर चिपकाने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने कहा है कि विश्वविद्यालय की दीवारें सरकारी संपत्ति हैं इनका इस्तेमाल किसी भी तरह के मैटेरियल से तैयार पोस्टर और पर्चे चिपकाने के लिए नहीं किया जा सका। यदि भविष्य में ऐसा पाया जाएगा तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है। हालांकि पीठ ने इस बार किसी पर भी जुर्माना नहीं लगाया है। पीठ ने कहा कि किसी भी प्रकार की सरकारी संपत्ति को किसी भी मौके पर नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता।
स्थिति रिपोर्ट दाखिल नहीं करने पर फटकार
एनजीटी ने दिल्ली सरकार को सरकारी भवनों, फ्लाईओवर, ब्रिज में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति स्पष्ट न करने को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। पीठ ने कहा कि यह आखिरी मौका होगा। अगली सुनवाई तक सरकार आदेश का पालन करते हुए स्थिति रिपोर्ट ट्रिब्युनल में दाखिल करे।
पीठ ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि एक हफ्ते में यह रिपोर्ट दाखिल होनी चाहिए। वहीं, अगली सुनवाई में संबंधित सचिव भी ट्रिब्युनल के समक्ष पेश हों। पीठ ने याची विनोद जैन से भी कहा है कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और अन्य प्राधिकरणों की ओर से दाखिल हलफनामें पर एक हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।