उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2014 में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारित नीति जारी कर दी गई है।
छात्राओं के लिए इस बार भी स्वकेंद्र की व्यवस्था रहेगी। नीति में वर्ष 2013 की बोर्ड परीक्षा शांतिपूर्वक कराने वाले स्कूलों को निश्चित तौर पर केंद्र बनाने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
नई व्यवस्था में यह प्रावधान किया गया है कि जिला विद्यालय निरीक्षक अपने विवेक से परीक्षा केंद्र बनाएंगे। सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बृहस्पतिवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया है।
बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के मुताबिक छात्राओं, नि:शक्त व दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों के लिए स्वकेंद्र की व्यवस्था पूर्व की तरह रहेगी। तंबू कनात या खुले में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जा सकेंगे।
संस्थागत छात्रों के लिए निकट के स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्राइवेट फार्म भरने वाले छात्रों के लिए दूसरे स्कूलों में केंद्र बनाया जाएगा।
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डिबार वाले स्कूलों में बाहरी केंद्र व्यवस्था बनाने के साथ ही पर्यवेक्षक भी लगाए जाएंगे। केंद्रों का निर्धारण 8 नवंबर तक करते हुए इसका प्रकाशन 16 नवंबर तक कर दिया जाएगा।
इस पर आपत्तियां 23 नवंबर तक ली जाएगी और निस्तारण 30 नवंबर तक करते हुए केंद्रों का अंतिम प्रकाशन 9 दिसंबर तक कर दिया जाएगा।
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