राज्य विश्वविद्यालयों की परफॉर्मेंस के अनुसार ही अब राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
12वीं पंचवर्षीय योजना में इसके लिए 25 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस साल 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू ने दी।
वे शुक्रवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में अंबेडकर भवन का शिलान्यास करने आए थे।
उन्होंने यहां पर वर्तमान शैक्षिक सत्र के आरंभ होने की घोषणा की और साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी 2013 पर आयोजित वर्कशॉप में भी शिरकत की।
केंद्रीय मंत्री एमएम पल्लम राजू ने कहा कि रूसा के लिए बजट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसे आगे कैबिनेट की बैठक में पास करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके तहत जो यूनिवर्सिटी बढ़िया प्रदर्शन करेगी उन्हें ही आर्थिक मदद दी जाएगी। परफॉर्मेंस के तहत यूनिवर्सिटी की फैकल्टी के रिसर्च पब्लिकेशन, पढ़ाई करवाने का स्तर आदि आंका जाएगा।
इसके साथ ही सभी राज्यों को अपने-अपने यहां राज्य उच्च शिक्षा परिषद और मूल्यांकन के लिए एजेंसी बनानी होगी ताकि वे इसके जरिए अपने यहां के विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन कर सकें। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में हमारा पूरा फोकस क्वालिटी एजुकेशन पर ही है।
इंटरडिसिप्लीनरी रिसर्च पर करें फोकस
‘साइंस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन पॉलिसी 2013’ पर आयोजित वर्कशॉप के समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री ने इंटरडिसिप्लीनरी रिसर्च पर हमें फोकस करने की नसीहत दी।
उन्होंने कहा कि रिसर्च सिर्फ डॉक्यूमेंट तक ही सीमित न रहे बल्कि उसका समाज को पूरा फायदा मिले। इस दौरान आईईटी के डीन प्रो. बीएन मिश्रा ने कहा कि अच्छे आइडिया जनरेट करें और इंडस्ट्री के साथ मिलकर रिसर्च करें तो बेहतर होगा।