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एचपी यूनिवर्सिटी में कर्मचारी भर्ती पर नया अड़ंगा

Sat, 30 Jan 2016 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी के अलग-अलग वर्ग के पदों को भरने के लिए शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया में एक अड़ंगा सामने आ गया है। अलग-अलग वर्ग के पदों को भरने को विज्ञापन प्रकाशित करने और हजारों आवेदन आने के बाद विवि आगामी प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहा है।
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प्रदेश सरकार ने सचिवालय में की गई भर्ती में चतुर्थ श्रेणी कर्मी वर्ग के फ्राश, चौकीदार और माली को एक ही श्रेणी में रखा है, वहीं इसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता भी मिडल से बढ़ाकर दसवीं कर दी है। अब विश्वविद्यालय यदि इन नए नियमों को माने तो इन तीनों श्रेणियों को विवि में बांटे गए कार्यों और जरूरतों को देखते हुए लागू नहीं कर पाएगा।

चूंकि विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों में चपरासी, चौकीदार, माली आदि का अपना अलग अलग कार्य है। वहीं विश्वविद्यालय ने अपने विज्ञापन में इन पदों के लिए माध्यमिक परीक्षा पास को न्यूनतम योग्यता रखा था। इसी के आधार पर हजारों आवेदन भी विश्वविद्यालय को मिले हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय को अब सचिवालय के लिए लागू की गई पात्रता शर्तों और पदनाम पर विचार करना पड़ रहा है।
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विवि को न चाहते हुए भी इन तमाम पहलुओं पर विचार करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय इसी कारण नवंबर माह में पूरी हो चुकी आवेदन करने की प्रक्रिया के बावजूद इन विज्ञापित पदों की भर्ती को साक्षात्कार की तिथि घोषित नहीं कर पा रहा है। विश्वविद्यालय इसके लिए कानूनी राय और प्रदेश सरकार के समक्ष भी अपनी मजबूरियों को रख रहा है, ताकि भर्ती प्रक्रिया पर कोई नया विवाद खड़ा न हो।

विवि के ईसी सदस्य व कर्मचारी नेता देवी राम वर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मौजूदा समय में चल रही चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी को देखते हुए प्रशासन जल्द भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाए और पूरा कर नियुक्तियां करे। सचिवालय और विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के कार्य एक समान नहीं है।

नवंबर में विज्ञापित किए थे विभिन्न पद
एचपीयू ने नवंबर माह में चतुर्थ श्रेणी सहित कुल 25 पदों को विज्ञापित कर आवेदन मांगे थे। इनमें चौकीदार के नौ, चपरासी के सात, माली के दो, कुक के दो और इसके अलावा मिड वाइफ सहित फार्मासिस्ट आदि के पदों के लिए आवेदन मांगे थे।

जल्द होगा फैसला
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. पंकज ललित ने माना कि सचिवालय में भर्ती को लागू किए गए नए नियमों को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले हर पहलू पर राय ले रहा है। जल्द इस पर फैसला लेकर भर्ती प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार करवाने पर फैसला ले लिया जाएगा। विवि में चतुर्थ श्रेणी में सचिवालय की तर्ज पर सभी वर्ग के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को एक श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है, चूंकि हर का काम अलग अलग है।
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