उत्तराखंड में दो साल बाद नए बीएड कॉलेजों की राह खुल गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद(एनसीटीई) ने सत्र 2016-17 में मान्यता के लिए आनलाइन आवेदन मांगे हैं।
वर्ष 2013 में प्रदेश से 20 से ज्यादा कॉलेजों ने बीएड मान्यता के लिए एनसीटीई में आवेदन किए थे। हालांकि, बाद में सरकार की ओर से लगाई गईं आपत्तियों के कारण यह मामला लटक गया था।
वर्ष 2014 में एनसीटीई ने अपनी नई नियमावली बनने की वजह से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत किसी भी प्रदेश से मान्यता के लिए आवेदन नहीं मांगे थे। इस वजह से कोई नया बीएड कालेज अस्तित्व में नहीं आया था।
2014 की नियमावली के आधार पर आवेदन
इस साल एनसीटीई की ओर से कुछ प्रदेशों को छोड़कर बाकी राज्यों से बीएड और डीएलएड सहित सभी पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक संस्थान 31 मई 2015 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी यह है कि वह एनसीटीई की नियमावली 2014 का ख्याल रखते हुए अपने आवेदन प्रस्तुत करें। इसके तहत केवल 50 सीटों की मान्यता एक यूनिट के तौर पर मिलेगी, जिसके लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं बल्कि फैकल्टी भी ज्यादा रखनी जरूरी होगी।
इनका है कहना
दो साल बाद एनसीटीई के पास आवेदन का रास्ता खुला है। शिक्षा की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर आवेदन करने वाले संस्थानों को निश्चित तौर पर मान्यता मिल जाएगी, क्योंकि नई नियमावली के तहत मान्यता और कॉलेज चलाना आसान न होगा।
-सुनील अग्रवाल, चेयरमैन, एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट।