प्रदेश में अप्रैल 2016 से छात्रों को मॉडल स्कूल की सुविधा मिलेगी। प्रदेश भर में चयनित सरकारी स्कूलों को मॉडल बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। हर जिला से तीन सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में प्रदेश के छत्तीस स्कूलों में छात्रों को मॉडल स्कूल की सुविधा मिलेगी।
विभाग के अनुसार इस प्रोजेक्ट से छात्रों को काफी लाभ होगा। निजी मॉडल स्कूलों में महंगी शिक्षा से उन्हें निजात मिलेगी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है। चयनित स्कूलों में भाषा लैब स्थापित होगी और प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाई होगी। स्कूल में एक आगंतुक रजिस्टर होगा।
जिसमें स्कूल में आने वाले हर व्यक्ति के आने का कारण दर्ज होगा। स्कूलों में हर महीने के अंतिम शनिवार को बाल सभा का आयोजन होगा। इसके साथ ही स्कूल में करिअर काउंसिल सेशन भी होंगे। स्कूल में बेहतर लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। छात्र गतिविधियों को एक बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा।
स्कूलों में छात्रों को आधुनिक कंप्यूटर लैब की सुविधा मिलेगी। लाइब्रेरी और आईसीटी लैब के प्रयोग के समय को भी बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाएगा। स्कूल में छात्रों के लिए समाचारपत्र स्टैंड होगा। जहां पर छात्र और अध्यापक समाचार पत्र पढ़ सकेंगे। इसके साथ ही कई अन्य सुविधाएं इन स्कूलों में मिलेंगी।
ये स्कूल बनेंगे मॉडल- बिलासपुर में वरिष्ठ स्कूल डंगार, नम्होल, हाई स्कूल बालग दा घट, चंबा में वरिष्ठ स्कूल सिहुंता, उच्च स्कूल राजेरा, कांडला, हमीरपुर में वरिष्ठ स्कूल बाल हमीरपुर, कन्या स्कूल नादौन, बाल स्कूल सुजानपुर, कांगड़ा में वरिष्ठ स्कूल धमर्शाला, दाड़ी, मिडिल स्कूल बडसर, किनौर में वरिष्ठ स्कूल रिकांगपिओ, कानुम, सांगला, कुल्लू में वरिष्ठ स्कूल कतरेन, क्यास, उच्च स्कूल नेरी, लाहौल स्पीति में वरिष्ठ स्कूल काजा,
केलांग, उदयपुर, मंडी में बाल स्कूल सुंदरनगर, रधाडा, कथालग, शिमला में वरिष्ठ स्कूल लक्कड़ बाजार, पोर्टमोर, कुसुम्पटी, सिरमौर में उच्च स्कूल कोलर, कन्या स्कूल नाहन, बिरला, सोलन में उच्च स्कूल समरोर, वरिष्ठ स्कूल मेमलेघ, कन्या स्कूल सोलन, ऊना में उच्च स्कूल लमरेहरी, वरिष्ठ स्कूल कंगर और धुंधला को मॉडल स्कूल बनाया जाएगा।
सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना अधिकारी जगदीश कौशल ने बताया कि मॉडल स्कूल बनाने का कार्य चल रहा है। अप्रैल से छात्रों को मॉडल स्कूल की सुविधा मिलेगी। स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस होंगे। प्रत्येक जिला के तीन स्कूल मॉडल स्कूल बनाए जा रहे हैं।