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रैगिंग से स्टूडेंट्स को बचाएगा ये मोबाइल एप

Tue, 14 Jul 2015 05:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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नया सत्र शुरू होने के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय ने परिसर में रैगिंग रोकने और सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय में सुरक्षित माहौल देने के लिए इस साल से यूनिवर्सिटी में तकनीक का जमकर उपयोग करेगा।
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यहां रैगिंग की शिकायत के लिए मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया जा रहा है। मोबाइल एप्लीकेशन एक हफ्ते के अंदर ही लांच करने की तैयारी है। एलयू का नया सत्र 16 जुलाई से शुरू होना है। इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में रैगिंग रोकने के लिए जिस मोबाइल एप्लीकेशन का सहारा लिया जाता है उसी की तर्ज पर लखनऊ विश्वविद्यालय भी मोबाइल एप्लीकेशन बनवा रहा है।

इस एप्लीकेशन को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। एलयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो.मनोज दीक्षित ने बताया कि इस मोबाइल एप्लीकेशन में कई फीचर्स हैं। इसे डाउनलोड करने के बाद मुख्य पेज पर चार चीजें दिखाई देंगी। पहला होगा एड न्यू रैगिंग। यदि किसी छात्र-छात्रा के साथ रैगिंग जैसी घटना होती है तो वह इस लिंक पर क्लिक करके एक फॉर्म भरेगा।
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इसमें वह अपने संस्थान का नाम भरने के अलावा कोर्स, जिसने रैगिंग की उसका नाम,उसका अन्य डिटेल भी देगा। इसके अलावा यदि कोई चाहे तो अपना फोटो भी अपलोड कर सकता है। ये जानकारी केवल एप्लीकेशन के एडमिनिस्ट्रेटर जो कि प्रॉक्टोरियल बोर्ड है के पास गोपनीय रहेगी।
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हॉस्टल में सुरक्षा के लिए लगेंगे वायरलैस कैमरे

आमतौर पर अक्सर ही विश्वविद्यालय के हॉस्टल्स में मारपीट और बवाल की घटनाएं हो जाती हैं। इससे पढ़ने-लिखने वाले छात्रों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित ने बताया कि यदि हॉस्टल्स में वायर वाले कैमरे लगाए जाते हैं तो उसके इंस्टॉलेशन में 75 फीसदी खर्च तार का होता है।

इसके बाद यदि वह तार कट जाए तो मेंटेनेंस काफी महंगा पड़ता है। इसीलिए हॉस्टल्स में वायरलेस कैमरे लगवाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पूरे विश्वविद्यालय में वाईफाई की सुविधा शुरू होने से पहले इन कैमरों को चलाने के लिए कुछ क्षेत्र में वाईफाई का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया जाएगा।

इसका एक फायदा ये भी है कि जितने भी वायरलेस कैमरे होंगे उनके विजुवल को प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य इंटरनेट का उपयोग कर कहीं भी मोबाइल या लैपटॉप पर देख सकते हैं। इससे हॉस्टल्स में सुरक्षा काफी हद तक बेहतर हो जाएगी।

इसके अलाव टैगोर लाइब्रेरी,जियोलॉजी विभाग के बाहर कैमरे लगाने के अलावा एमबीए और फिजिकल एजुकेशन विभाग में 4-4 कैमरे बढ़ाए जाएंगे। अभी तक विश्वविद्यालय के पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विभाग,प्रशासनिक भवन,फिजिकल एजुकेशन,एमबीए,मूल्यांकन केंद्र,कैलाश छात्रावास, कुलपति आवास, गेट नंबर 5 और 8 को कैमरों से लैस किया जा चुका है।
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