जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को 95वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब जामिया दो के बजाए तीन दिन कार्यक्रम आयोजित करेगा। कार्यक्रम में दर्शकों को जामिया इतिहास, संस्कृति, तराना और पूर्व छात्रों को ग्लोबल जामिया एल्युमिनी नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा।
जामिया को आने वाले दिनों में मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम की स्टैच्यू के कारण भी पहचाना जाएगा। क्योंकि जामिया के ऑर्किटेक्चर कालेज में पूर्व राष्ट्रपति कलाम का स्टैच्यू लगने जा रहा है, जो देश में पहला होगा।
जामिया के कुलपति प्रो. तलत अहमद ने विशेष बातचीत में बताया कि दुनिया की टॉप सौ यूनिवर्सिटी में शामिल होने की तैयारी के तहत स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम में देशी व विदेशी विश्वविद्यालयों से करार किया गया है, ताकि छात्रों को एक्सपोजर मिल सके।
इससे विदेशी छात्र भारतीय संस्कृति व शिक्षा को जानेंगे, तो भारतीय छात्रों को इंटरनेशनल स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका। इसकेअलावा शिक्षकों को ग्लोबली पहचान देने के लिए टीचर नेटवर्क भी तैयार किया गया है। प्रो. अहमद के मुताबिक, जामिया लंबे इतिहास के साथ नई तकनीक को भी जोड़ रहा है, जिसमें च्वॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल का दोबारा गठन व डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम में नए विषय जोड़ना है। भविष्य में छात्रों को ऑनलाइन ओपन कोर्स करने का भी मौका दिया जाएगा, जिसका खाका तैयार हो रहा है।