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...तो क्या उपराष्ट्रपति को चाय भी नहीं मिल पाएगी!

Wed, 08 Jan 2014 09:15 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
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एलयू के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी चाय तक नहीं पी पाएंगे। 9 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में सिर्फ उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी सबसे अधिक पंद्रह मिनट का भाषण देंगे।
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बाकी सभी अतिथियों का भाषण मात्र छह-छह मिनट में निपट जाएगा। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे विवि की उपलब्धि और आगे के प्लान की रिपोर्ट भी मात्र छह मिनट में पेश कर देंगे।

ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार दीक्षांत समारोह मात्र 90 मिनट का है। जबकि पहले इसका कुल समय 2 घंटे दस मिनट था। ऐसे में समय में कटौती के कारण इसे फटाफट निपटाया जाएगा।
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यही कारण है कि इस बार दीक्षांत में 173 मेडल की सूची में से मात्र 35 मेधावियों को ही दीक्षांत समारोह में पदक दिया जाएगा। बाकी सभी को दूसरे दिन 10 जनवरी को होने वाले मेडल वितरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

मिनट टू मिनट कार्यक्रम के अनुसार दीक्षांत समारोह 9 जनवरी को अपराह्न 3 बजे से शुरू होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के पूर्व महानिदेशक व मशहूर वैज्ञानिक डॉ. आरए माशेलकर, राज्यपाल बीएल जोशी सहित अन्य अतिथि 3:01 बजे पर दीक्षांत के लिए गाउन पहनेंगे।

इसके बाद वह 3 :0 4 बजे पर ग्रुप फोटोग्राफी करवाएंगे, 3 :07 बजे शैक्षिक यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद 3 :12 बजे राष्ट्रगान होगा, 3 :13 बजे कुलगीत होगा।

इसके बाद 3:16 बजे कुलाधिपति से कुलपति दीक्षांत समारोह शुरू करने की घोषणा करने की गुजारिश करेंगे, 3:17 मिनट पर दीक्षांत समारोह औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा, इसके बाद अपराह्न 3:18 बजे कुलपति डॉ. एसबी निमसे अपना भाषण देंगे।

अपराह्न 3:24 बजे मशहूर वैज्ञानिक डॉ. आरए माशेलकर को डीएससी की मानद उपाधि दी जाएगी, इसके बाद 3:26 बजे डॉ. आरके माशेलकर का भाषण शुरू होगा और छह मिनट बाद 3:33 बजे डिग्रियां अवार्ड होने की घोषणा होगी।

3:43 बजे से 35 मेधावियों को मेडल बांटे जाएंगे और 9 मिनट के अंदर इसका वितरण होने के बाद, मिनट टू मिनट कार्यक्रम के अनुसार 3:52 बजे मुख्यमंत्री का भाषण शुरू होगा और छह मिनट के बाद 3:58 बजे कुलाधिपति बीएल जोशी का भाषण होगा।

इसके बाद शाम 4.04 बजे उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी अपना भाषण शुरू करेंगे जो कि पंद्रह मिनट तक चलेगा। इसके बाद 4:21 बजे अतिथियों को स्मृति चिन्ह बांटे जाएंगे।

इसके बाद 4:24 बजे दीक्षांत समारोह के समापन की घोषणा कुलाधिपति करेंगे, इसके बाद शाम 4:25 बजे अतिथियों के साथ मेडल पाने वाले मेधावियों की ग्रुप फोटोग्राफ खींची जाएगी, 4:29 बजे राष्ट्रगान होगा और इसके बाद शाम 4:30 बजे कार्यक्रम खत्म हो जाएगा।

नहीं आ सकेंगे मुख्यमंत्री
एलयू के 9 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नहीं आ पाएंगे। दरअसल मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम होने के कारण उनका दीक्षांत समारोह में उपस्थित होना मुश्किल है।

मुख्यमंत्री के पास ही उच्च शिक्षा विभाग भी है। ऐसे में उनके दीक्षांत समारोह में उपस्थित होने की पूरी उम्मीद थी, लेकिन व्यस्त शेड्यूल की वजह से ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है।

खुफिया विभाग अलर्ट
लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में खुफिया विभाग पूरी तरह अलर्ट है। एलयू ने निलंबित व निष्कासित स्टूडेंट्स की सूची सुरक्षा अधिकारियों को सौंप दी है।

एबीवीपी के नितिन मित्तल पर विशेष नजर रखी जा रही है तो आइसा के नेता सुधांशु बाजपेई भी खुफिया विभाग के रडार पर हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक नितिन को कोई आमंत्रण पत्र नहीं दिया है।

बवाल के मद्देनजर उसे प्रोग्राम में शामिल होने से रोका जा रहा है। कुलपति से मुलाकात के बारे में नितिन मित्तल ने बताया कि उनकी इस मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई।

फिलहाल एबीवीपी कहीं उपराष्ट्रपति को काला झंडा न दिखा दे इसे लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। वहीं आइसा से भी ऐसी आशंका जताई जा रही है।

दूसरी ओर छात्रा सीमा चंद्रा चांसलर मेडल के लिए इंटरव्यू में न शामिल करने से खफा है।

मेडल विवाद नहीं छोड़ रहा एलयू का पीछा
एलयू में चांसलर गोल्ड मेडल को लेकर मंगलवार को एबीवीपी के कार्यकर्त्ताओं ने नितिन मित्तल के नेतृत्व में कुलपति डॉ. एसबी निमसे से मुलाकात की।

छात्र नेताओं ने कहा कि बीते साल एमबीई के छात्र ऋषभ को चांसलर गोल्ड मेडल नहीं दिया गया था, उस समय उसके सेल्फ फाइनेंस ग्रुप का छात्र का बहाना बताया गया था।

वहीं इस बार रोमा द्विवेदी को चांसलर गोल्ड मेडल दिया गया है जो कि एमबीई की छात्रा है। ऐसे में अब ऋषभ को भी गोल्ड मेडल दिया जाए। कुलपति ने कहा कि परीक्षा नियंत्रक पहले ही बता चुके हैं कि ऋषभ का फॉर्म डीन या डायरेक्टर की संस्तुति से नहीं आया था।

ऐसे में उसे शामिल नहीं किया गया। फिलहाल उन्होंने मामले को दोबारा देखने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर आइसा के सचिव नितीश कनौजिया ने छात्रा सीमा चंद्रा को चांसलर गोल्ड मेडल के लिए इंटरव्यू में न शामिल किए जाने की जांच करवाने की मांग की है।
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नितीश के मुताबिक एमए समाज शास्त्र में दो गोल्ड मेडल पाने वाली छात्रा चांसलर गोल्ड मेडल की हकदार थी लेकिन उसके साथ भेदभाव किया गया।
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