केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 9वीं व 11वीं में होने वाला प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट (पीएसए) अब नहीं होगा। सीबीएसई ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2015-16 से इसे हटाने का निर्णय लिया है।
इसकी जगह 9वीं के छात्रों का पीएसए का मूल्यांकन फॉरमेटिव असेसमेंट-4 (एफए-4) केआधार पर होगा। बीते सत्र 2014-15 में 9वीं में पीएसए नहीं देने वाले व वर्तमान सत्र में अपने पीएसए के स्कोर को सुधारने वाले छात्रों के लिए ही एफए-4 लिया जाएगा। मालूम हो कि अभी तक 9वीं व 11वीं के छात्रों के लिए पीएसए अनिवार्य होता था।
सीबीएसई की ओर से 9वीं व 11वीं में पीएसए की शुरुआत 2013 में की गई थी। छात्रों में क्रिएटिव थिंकिंग, क्रिटिकल थिंकिंग, निर्णय क्षमता, समस्या हल व कम्युनिकेशन क्षमताओं में बढ़ोतरी के लिए इसे शुरू किया गया था। अब इसे हटाने का निर्णय लिया गया है।
बोर्ड ने वर्तमान सत्र से पीएसए बंद करने के निर्णय की जानकारी 30 अक्तूबर को सभी स्कूल प्रमुखों को भेज दी है। स्कूलों को भेजे पत्र में साफ किया गया है कि 9वीं के जो छात्र पीएसए में नहीं बैठ पाए या पीएसए का स्कोर सुधारना चाहते हैं, उनके लिए एफए-4 लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि पीएसए का कठिनता का स्तर काफी अधिक होने के कारण परेशानी होती थी। पीएसए के नहीं होने के कारण बोर्ड ने 9वीं व 11वीं के फॉरमेटिव असेसमेंट (एफए) के अंक व समेटिव असेसमेंट(एसए) के अंक अलग-अलग लेने का निर्णय भी लिया है।
वर्तमान सत्र (2015-16) के 9वीं के पहले सत्र के एफए-1, एफए-2 व एसए-1 के अंकों को स्कूलों को 15 दिसंबर तक भेजना होगा। वहीं एफए-3, एफए-4 व एसए-2 के अंकों की जानकारी 30 अप्रैल 2016 तक भेजनी होगी। वर्तमान सत्र में कक्षा 10वीं के अंकों का ब्योरा भी इन्हीं तिथियों तक भेजना होगा। पिछले साल 9वीं में पढ़ने वाले छात्रों का एफए-1, एफए-2 व एसए-1, एफए-3, एफए-4 व एसए2 के अंकों की जानकारी 15 दिसंबर 2015 तक भेजनी होगी।