दून मेडिकल कॉलेज के निर्माण की धीमी रफ्तार पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. आरपी भट्ट ने निर्माण एजेंसी को खरी-खरी सुनाई।
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इस पर एजेंसी ने फरवरी 2015 तक प्राथमिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने और जुलाई 2015 तक मेडिकल कॉलेज का पूरा काम निपटाने का वादा किया।
अमर उजाला ने सोमवार के अंक में ‘बुनियाद में एमबीबीएस की पढ़ाई’ शीर्षक से कॉलेज की धीमी निर्माण प्रक्रिया का मुद्दा उठाया था। इस पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक ने सोमवार को बैठक बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई।
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एजेंसी ने वादा किया है कि जल्द ही मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और एक आर्किटेक्ट अब दून में ही रहेगा। एजेंसी ने निर्माण को नया प्लान भी प्रस्तुत किया। इसके तहत फरवरी 2015 तक महत्वपूर्ण विभाग तैयार कर दिए जाएंगे।
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इसके आधार पर मेडिकल कॉलेज के इंस्पेक्शन के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को प्रपोजल भेजा जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. आरपी भट्ट ने कहा कि आगामी वर्ष से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू होने की पूरी संभावना है।
बदलेगी दून अस्पताल की सूरत
मेडिकल कॉलेज बनने से दून अस्पताल की सूरत बदल जाएगी। दून अस्पताल में ओपीडी ब्लॉक और इमरजेंसी ब्लॉक अलग से बनाया जाएगा। इसके अलावा पीछे वाली पीडब्ल्यूडी लेन में नई ओपीडी बनाई जाएगी।
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महिला अस्पताल के बगल में भी एक ओपीडी का निर्माण किया जाएगा। इससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। नई ओपीडी के लिए भी पैसा रिलीज किया जा चुका है।
पटेलनगर में मेडिकल कॉलेज का एडमिन ब्लॉक, लाइब्रेरी, हॉस्टल आदि का निर्माण किया जाएगा।