लखनऊ विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को बड़ी राहत देने की तैयारी की जा रही है। वित्त समिति की बैठक में बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस घटाने पर मुहर लगाई जाएगी।
अभी इसकी फीस 1200 रुपये है, जिसे घटाकर 600 रुपये करने की तैयारी की जा रही है। अगर ऐसा हुआ तो बड़ी संख्या में स्टूडेंट बैक पेपर व इंप्रूवमेंट एग्जाम दे सकेंगे।
अभी फीस अधिक होने के कारण नंबर बढ़ाने के लिए कई छात्र इंप्रूवमेंट नहीं दे पाते हैं। केवल वही छात्र जिनका बैक आया होता है, उन्हें मजबूरी में पास करने के लिए इतनी फीस जमा करनी होती है।
पहले बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस कम होने के कारण बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स अपने नंबर बढ़ाने के लिए परीक्षा देते थे।
15 अक्टूबर को लग सकती है मुहर
पिछले कुछ साल में फीस में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ये परीक्षा नहीं दे पा रहे थे। 90,000 से घटकर छात्रों की संख्या 25 हजार और फिर यह करीब 18 हजार तक ही रह गई।
अब यूनिवर्सिटी प्रशासन बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस घटाने जा रहा है, तो इस संख्या में फिर से काफी इजाफा हो सकता है।
फिलहाल, एलयू में 15 अक्तूबर को होने वाली वित्त समिति की बैठक के एजेंडे में बैक पेपर व इंप्रूवमेंट फीस घटाने का मुद्दा रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि बैठक में फीस आधी होने के मुद्दे पर मुहर लग सकती है।
एलयू व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट, जिन्हें किसी सब्जेक्ट के एक या दो पेपर में उम्मीद के मुताबिक कम नंबर मिलते थे उन्हें काफी राहत मिलेगी।
अब नहीं खराब होगा डिवीजन
अभी बड़ी संख्या में स्टूडेंट स्नातक व परास्नातक में फर्स्ट डिवीजन से इसलिए चूक रहे थे क्योंकि वे इंप्रूवमेंट नहीं दे पा रहे थे।
बहुत से स्टूडेंट सेकंड डिविजन में 50 या फिर 55 परसेंटेज हासिल करने में चूक जाते थे लेकिन अब एक बार फिर बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस घटाए जाने के कारण स्टूडेंट एग्जाम दे सकेंगे।
एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी कि आखिर बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस कितनी निर्धारित की जाए।
फिलहाल, इस पर वित्त समिति ही अपनी अंतिम मुहर लगाएगी कि फीस कितनी घटाई जाए।