स्नातक व परास्नातक में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए कंपनियां जल्द ही नौकरियों की बहार लेकर आ रही हैं। जय नारायण पीजी कॉलेज (केकेसी) में तो कैंपस सेलेक्शन शुरू हो गया है।
यहां नवंबर व दिसंबर में कई कंपनियां आने की तैयारी में हैं। दूसरी ओर नेशनल पीजी कॉलेज में भी कैंपस प्लेसमेंट के लिए कंपनियों ने दस्तक देना शुरू कर दिया है।
यहां हर वर्ष अच्छी खासी संख्या में स्टूडेंट का कैंपस सेलेक्शन होता है। दूसरी ओर लखनऊ विश्वविद्यालय में भी इस बार स्पायरिंग माइंड संस्था दीपावली के बाद ऑनलाइन टेस्ट शुरू करना चाहती है।
संस्था ने इसका प्रपोजल तैयार कर विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दिया है। बीते साल यह काम फरवरी में हुआ था मगर इस बार इसे नवंबर में ही शुरू करने की कवायद है।
इस बार करीब 550 से अधिक कंपनियां इसके माध्यम से स्टूडेंट का कैंपस सेलेक्शन करेंगी। जबकि बीते साल करीब डेढ़ सौ कंपनियां ही आयी थीं।
केकेसी के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा कहते हैं कि अभी उनके यहां बीबीए के स्टूडेंट्स का एयरलाइंस कंपनियों में प्लेसमेंट हुआ है। इस बार टीसीएस ने भी कैंपस प्लेसमेंट के लिए हमारे कॉलेज को चुना है।
इसके अलावा फॉर्मास्यूटिकल कंपनियां व विप्रो भी कैंपस प्लेसमेंट के लिए आ चुकी हैं। बीते साल यहां पर करीब डेढ़ सौ स्टूडेंट का कैंपस सेलेक्शन जैनपैक्ट, एचसीएल, विप्रो, आईसीआईसीआई बैंक आदि में हुआ था।
वहीं नेशनल पीजी कॉलेज के शिक्षक डॉ. राकेश जैन कहते हैं कि यहां पर तो पूरे साल कैंपस प्लेसमेंट के लिए कंपनियां आती रहती हैं। बीते वर्षों में भी यहां अच्छी संख्या में स्टूडेंट का प्लेसमेंट हुआ है।
दूसरी ओर स्पायरिंग माइंड के प्रमुख वरुण नागपाल कहते हैं कि पिछले सत्र में हमें देरी हो गई थी। हम फरवरी में यहां पहुंच पाए थे। मगर इस बार हमने एलयू प्रशासन को अभी से यह प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव दिया है।
हम दीपावली के बाद ही इस प्रक्रिया को शुरू करना चाहते हैं। कैंपस सेलेक्शन के लिए एलयू के स्टूडेंट का ऑन लाइन टेस्ट नि:शुल्क होगा। करीब ढाई घंटे का ऑनलाइन टेस्ट होगा।
इसमें हम स्टूडेंट का एप्टीट्यूड, पर्सनॉलिटी डेवलपमेंट, इंग्लिश और कोर्स का ज्ञान परखेंगे। इसके माध्यम से हम स्टूडेंट का एक स्क्रीनिंग चार्ट तैयार करके यूनिवर्सिटी को देंगे।
बीते साल करीब 1400 स्टूडेंट ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था और इसमें से करीब 900 ऑन लाइन टेस्ट में शामिल हुए थे। कंपनियां स्टूडेंट के इस स्कोर कार्ड के माध्यम से ही जॉब देती हैं।
अगर यह प्रक्रिया जल्द शुरू हो गई तो इसका फायदा स्टूडेंट को अधिक मिलेगा।