फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुशखबरीः अब जर्मनी में पढ़ सकेंगे लखनऊ विवि के ये खुशनसीब

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय अब जर्मनी के मार्टिन लूथर विश्वविद्यालय हैले-विटेनबर्ग के साथ मिलकर शोध कार्य को बढ़ावा देगा। इतना ही नहीं दोनों संस्थानों के शिक्षक एक दूसरे के यहां जाकर गेस्ट लेक्चर देने के साथ शोध भी करेंगे।
विज्ञापन


एक कॉन्फ्रेंस के सिलसिले में जर्मनी गए एलयू के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने सोमवार को मार्टिन लूथर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ऊडो स्ट्रेटर के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किया।

जर्मनी का यह विश्वविद्यालय 1817 में दो विश्वविद्यालयों के विलय से बना था। 1502 में अस्तित्व में आई यूनिवर्सिटी ऑफ विटेनबर्ग और 1691 में बनी यूनिवर्सिटी ऑफ हैले के विलय से यह विश्वविद्यालय बना।
विज्ञापन


जर्मनी के इस विश्वविद्यालय का ऑस्ट्रेलिया, चाइना, फ्रांस, इटली, रशिया, स्पेन सहित विभिन्न देशों की यूनिवर्सिटी से पहले ही एमओयू है।

Trending Videos
विज्ञापन

इंटरकल्चरल, एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल एक्सचेंज होगा

लविवि के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने बताया कि मार्टिन लूथर यूनिवर्सिटी में थियोलॉजी, लॉ एंड इकोनॉमिक्स, मेडिसिन, फिलॉसफी, नेचुरल साइंसेज और इंजीनियरिंग साइंसेज की फैकल्टी हैं। यह संस्थान विश्व भर में अपनी पढ़ाई के साथ ही शोध के लिए जाना जाता है।

यह एमओयू इंटरकल्चरल, एजुकेशनल और टेक्नोलॉजिकल तीनों ही तरह के एक्सचेंज को बढ़ावा देगा। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य संयुक्त शोध और शैक्षिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

इसमें एलयू के शिक्षक उस विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी के रूप में पढ़ाने जाएंगे जबकि जर्मनी के विश्वविद्यालय के शिक्षक यहां आकर गेस्ट लेक्चर देंगे। वहां के शिक्षकों को यहां शॉर्ट टर्म विजिट पर भी बुलाया जाएगा। उनके सुझाव एलयू के विकास और शोध व शिक्षण कार्य को और बेहतर करने के लिए भी काम आएंगे।

शिक्षकों के अलावा इस एमओयू का लाभ शोधार्थियों और अन्य छात्रों को भी मिलेगा। जैसे यदि कोई शोधार्थी का ऐसा टॉपिक लेना चाहता है जिसमें वह भारत और जर्मनी का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहे तो यह कार्य काफी आसान हो जाएगा। इस नजरिए से देखें तो एलयू के छात्र उच्च स्तरीय शोध कर सकेंगे।



और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें