एलयू में दीक्षांत सप्ताह के अंतर्गत सोमवार को आयोजित कवि सम्मेलन स्टूडेंट्स की हूटिंग और हंगामे की भेंट चढ़ गया। स्टूडेंट्स के रवैये से नाराज कवियों ने गुस्साकर मंच छोड़ दिया।
इसके बाद अफरा-तफरी के बीच किसी तरह कवि वहां से बाहर निकले। उपद्रवी स्टूडेंट्स मौके से भाग निकले। एलयू की प्रॉक्टोरियल टीम इस हंगामे में शामिल स्टूडेंट्स की पहचान करने में जुटी हुई है और जल्द ही दोषियों को सजा दी जाएगी।
एलयू के दीक्षांत समारोह के तहत हुए कवि सम्मेलन में सबसे पहले कवि वाहिद अली वाहिदी ने वंदना पाठ किया। इसके बाद एलयू के दो स्टूडेंट्स ने अपनी कविताएं सुनाईं।
कार्यक्रम शुरू होने के थोड़ी देर बाद से ही मालवीय सभागार में पीछे की सीट पर बैठे स्टूडेंटस हूटिंग करने लगे। इसका कवियों ने विरोध भी किया। कवि सर्वेश अस्थाना ने स्टूडेंट्स को समझाने की कोशिश की लेकिन छात्र अभद्रता करने लगे।
इस पर नाराज होकर कवि अभय सिंह निर्भीक और सर्वेश अस्थाना ने कवि सम्मेलन बीच में ही रोकने को कहा। इसके बाद मंच से नाराज होकर सभी कवि उतर गए और पैदल ही गेट नंबर दो से बाहर चले गए।
एलयू प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने कहा कि स्टूडेंट्स से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं थी। जो भी स्टूडेंट इसमें शामिल होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।