एलयू में मैनेजमेंट गर्ल्स हॉस्टल में एमबीए प्रथम सेमेस्टर की एक छात्रा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में कार्रवाई के बजाए लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन लटकाने में लगा है।
आरोपी छात्रा पर कार्रवाई के बजाए दो छात्रों को चार दिनों के लिए हॉस्टल से बेदखल कर दिया है।
चार दिन बाद इन दोनों छात्रों को उनके पैरेंट्स के साथ चीफ प्रोवोस्ट राजकुमार सिंह के समक्ष उपस्थिति होने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दोनों छात्रों को उनके स्थानीय अभिभावकों के पास भेज दिया गया है। उधर, भविष्य में इस प्रकार के मामलों से निपटने के लिए एक स्थायी समिति का भी गठन कर दिया है।
इस समिति की अध्यक्षता एक अपर कुलानुशासन (महिला) करेंगी। इस कमेटी में पांच विभिन्न हॉस्टल के प्रोवोस्ट को भी शामिल किया गया है।
इनका निर्धारण चीफ प्रॉक्टर द्वारा किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को लविवि के प्रबंधन महिला छात्रावास में एक छात्रा ने अपनी रूम पार्टनर समेत दो अन्य छात्राओं पर अभद्र व्यवहार और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
जिसके बाद, लविवि प्रशासन को ओर से जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। इस समिति ने बृहस्पतिवार को चीफ प्रॉक्टर डॉ. मनोज दीक्षित के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
रिपोर्ट में दोनों छात्राओं के बीच मारपीट और कहासुनी की बात सामने आई। इन छात्राओं को भविष्य में छात्रावास की सुविधा प्रदान करने पर भी चीफ प्रॉवोस्ट फैसला करेंगे।
लविवि के प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक स्थायी समिति का गठन भी कर दिया गया है।