एलयू को पीएचडी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा से फिर छूट दे दी गई है। अब वह पीएचडी में दाखिले के लिए खुद प्रवेश परीक्षा आयोजित करवाएगा।
शासन द्वारा संयुक्त प्रवेश परीक्षा से छूट मिलने के बाद कुलपति डॉ. एसबी निम्से ने सभी विभागों को पत्र लिखकर सीटों का ब्यौरा मांगा है।
सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर हाल में 23 अगस्त तक अपने यहां खाली सीटों का ब्यौरा भेज दें ताकि पीएचडी में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का काम तेजी से किया जा सके।
एलयू के प्रवेश समन्वयक प्रो. एनके खरे ने बताया कि पिछले वर्ष के नियमों के मुताबिक ही लविवि पीएचडी की प्रवेश परीक्षा करवाएगा। जेआरएफ व नेट कैंडिडेट्स को पीएचडी में दाखिले में प्राथमिकता दी जाएगी। इन्हें मेरिट के अनुसार दाखिला दे दिया जाएगा।
इसके बाद जो सीटें खाली बचेंगी, उन पर एमए व एमफिल पास कैंडिडेट्स को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। अगर किसी विभाग में सीटें कम हैं और जेआरएफ व नेट पास अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है तो वहां पर दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
फिलहाल अब प्रवेश परीक्षा के काम को तेजी से किया जाएगा और जल्द ही इसके लिए फॉर्म जारी कर दिए जाएंगे।
पीएचडी में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा करवाई जानी है लेकिन अभी तक यह नहीं तय हो पाया है कि कौन सी यूनिवर्सिटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा करवाएगी। इस चक्कर में वर्तमान शैक्षिक सत्र 2013-14 लेट हो रहा है।