एलयू में शुक्रवार को 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत मिले बजट को अभी तक न खर्च कर पाने वाले विभागों को चेतावनी दी गई।
उन्हें दो टूक कहा गया कि अगर वे काम नहीं करवा पा रहे हैं तो अपनी रकम सरेंडर कर दें, उसे दूसरे विभाग को दे दिया जाएगा।
फिलहाल, सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अभी तक जारी की गई छह करोड़ रुपये 15 फरवरी तक खर्च किए जाएं। इसके बाद 28 फरवरी तक हर हालत में रिपोर्ट तैयार कर समविट कर दें।
कुलपति डॉ. एसबी निमसे की अध्यक्षता में हुई बैठक में अरेबिक विभाग की ओर से जब यह जानकारी मिली कि उन्होंने अभी तक पर्चेज कमेटी नहीं बनाई है तो इस पर कुलपति ने नाराजगी जताई।
कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी कर कहा कि वे हर हाल आवंटित धनराशि खर्च करें और अपने-अपने विभाग को बेहतर बनाएं।
मालूम हो कि पूर्व कुलपति प्रो. मनोज कुमार मिश्रा के शासनकाल में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से मिली 18 करोड़ रुपये में से मात्र आठ करोड़ रुपये ही एलयू खर्च कर पाया था।
नतीजा यह होगा कि इस पंचवर्षीय योजना में एलयू को मात्र 16 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। अगर एलयू पूरी 18 करोड़ रुपये की रकम खर्च कर देता तो उसे इस बार 36 करोड़ रुपये मिल जाते।
ऐसे में कुलपति का फोकस है कि विभाग इस बार अधिक से अधिक बजट की धनराशि खर्चा करें।