सरकारी स्कूलों के छात्र भी अब बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करेंगे।
शिक्षा सुधार के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत लर्निंग लेवल असेसमेंट (एलएलए) प्रक्रिया शुरू की गई है।
पूरे सत्र में माहवार पढ़ाने की योजना
इसमें हर 9वीं के बच्चे का एक एकेडमिक रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। इसके तहत उसमें 9वीं में ही सुधार कर दिया जाएगा। शिक्षकों के लिए भी पूरे सत्र में माहवार पढ़ाने की योजना बनाई गई है।
रमसा के डिप्टी को-ऑर्डिनेटर शैलेंद्र नेगी ने बताया कि एलएलए में हर 9वीं के छात्र का पूरा असेसमेंट किया जा रहा है। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान और गणित में बच्चे की कमियां और खूबियों का रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
शिक्षकों को हिदायत दी गई है कि वह छात्र को नया सिलेबस पढ़ाने के बजाय 25 दिन तक उसके कमजोर बिंदुओं को मजबूत बनाएं। बच्चा 9वीं की पढ़ाई शुरू करेगा तो उसे दिक्कत नहीं आएगी।
कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिए अलग से उन्नति कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें इंग्लिश बोलना सिखाया जाएगा।
यानी 12वीं के बाद सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए छात्र फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे। बीते साल यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के हर जिले के एक ब्लॉक में शुरू किया गया था, जिसे इस बार सभी 95 ब्लॉकों में लागू किया गया है।
सिलेबस नहीं रहेगा अधूरा
सीमैट के जरिए रमसा के तहत शिक्षकों का विषयवार प्लान लागू किया गया है। हर शिक्षक को टारगेट है कि उन्हें हर माह सिलेबस का कितना हिस्सा पढ़ाना है और कितने प्रैक्टिकल कराने हैं। ताकि सत्र पूरा होने पर कोर्स अधूरा न रहे।
शिक्षा अधिकारियों को दी ट्रेनिंग
रमसा की योजनाएं लागू करने के लिए मंगलवार को एक कार्यशाला कराई गई। इसमें देहरादून जिले के सभी छह खंड शिक्षा अधिकारियों ने शिरकत की। इस दौरान उन्हें प्रोजेक्ट संचालन की बारीकियां बताई गई।
मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली और रमसा के डिप्टी को-ऑर्डिनेटर शैलेंद्र नेगी ने कार्यशाला में सभी शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्य डायट, डायट लेक्चरर, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, बेसिक को रमसा की योजनाओं की जानकारी दी।
रमसा, एसएसए में मिली नौकरी, अब बेरोजगार
देहरादून। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और सर्व शिक्षा अभियान के तहत विकलांग बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए भर्ती किए गए शिक्षक अब बेरोजगार हैं।
वर्ष 2013 में 40 विशेष शिक्षकों की भर्ती आउटसोर्सिंग एजेंसी से की गई थी। एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होते ही शिक्षकों को भी हटाने का आदेश जारी कर दिया गया।
शिक्षकों ने मंगलवार को शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी से शिकायत की तो उन्होंने महानिदेशक विशेष शिक्षा से आख्या मांगी है।
शिक्षकों के मुताबिक उन्हें हटाने से बच्चों को भारी नुकसान होगा। नियुक्ति के वक्त ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई थी।